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एलोन मस्क की न्यूरालिंक ने बंदरों में सफल ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस प्रत्यारोपण की घोषणा की

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Location: भोपाल                                                 👤Posted By: prativad                                                                         Views: 3058

भोपाल: 23 जनवरी 2024। न्यूरालिंक, एलोन मस्क का न्यूरोटेक्नोलॉजी स्टार्टअप, ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का दावा किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि उसने बंदरों में ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) प्रत्यारोपण का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। यह तकनीक मस्तिष्क की गतिविधि को डिजिटल सिग्नल में बदल सकती है, जिससे कंप्यूटर को नियंत्रित करना संभव हो जाता है।

परीक्षणों में, बंदरों को अपने दिमाग के साथ जॉयस्टिक को हिलाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था। न्यूरालिंक प्रत्यारोपण ने मस्तिष्क की गतिविधि को रिकॉर्ड किया और इसे कंप्यूटर सिग्नल में अनुवादित किया, जिसने जॉयस्टिक को नियंत्रित किया। बंदरों ने जल्दी से सीख लिया कि अपने दिमाग के साथ जॉयस्टिक को हिलाना संभव है, और वे कंप्यूटर स्क्रीन पर कर्सर को हिलाने और इनाम पाने में सक्षम थे।

यह उपलब्धि न्यूरोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। बीसीआई तकनीक का उपयोग विभिन्न प्रकार के अनुप्रयोगों के लिए किया जा सकता है, जिसमें शामिल हैं:
अंग प्रत्यारोपण को नियंत्रित करना: बीसीआई तकनीक का उपयोग कृत्रिम अंगों को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है, जिससे पैरालाइज्ड लोगों को फिर से चलने में मदद मिल सकती है।
मस्तिष्क की बीमारियों का इलाज: बीसीआई तकनीक का उपयोग मस्तिष्क की बीमारियों, जैसे पार्किंसंस और स्ट्रोक के इलाज के लिए किया जा सकता है।
न्यूरल इंटरनेट: बीसीआई तकनीक का उपयोग मस्तिष्क और कंप्यूटर के बीच सीधा संचार बनाने के लिए किया जा सकता है, जिससे लोगों को कंप्यूटर को अपने दिमाग से नियंत्रित करने की अनुमति मिलती है।
हालांकि, न्यूरालिंक की सफलता के साथ ही कुछ नैतिक चिंताएं भी उठती हैं। कुछ लोगों को चिंता है कि बीसीआई तकनीक का उपयोग लोगों के दिमागों को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है। दूसरों को चिंता है कि यह तकनीक सामाजिक और आर्थिक असमानता को बढ़ा सकती है।

न्यूरालिंक ने कहा है कि वह इन नैतिक चिंताओं को गंभीरता से लेता है और कंपनी ने यह सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश विकसित किए हैं कि उसकी तकनीक का उपयोग सुरक्षित और नैतिक रूप से किया जाए।

यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि न्यूरालिंक तकनीक कब व्यावसायिक रूप से उपलब्ध होगी। हालांकि, इस सफल परीक्षण से पता चलता है कि मस्तिष्क-कंप्यूटर इंटरफेस का भविष्य उज्ज्वल है।

कृपया ध्यान दें: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के विकल्प के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। यदि आपके कोई प्रश्न या चिंताएं हैं, तो कृपया अपने डॉक्टर से बात करें।

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