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महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज: BJP का कांग्रेस पर हमला, भोपाल में 20 अप्रैल को ‘आक्रोश रैली’

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 145

19 अप्रैल 2026। महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीति गर्म हो गई है। BJP नेताओं ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर “गंदी राजनीति” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिल का विरोध करके विपक्ष ने अपना महिला-विरोधी रवैया उजागर कर दिया है। इसके विरोध में 20 अप्रैल को भोपाल में ‘आक्रोश रैली’ निकालने का ऐलान किया गया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और BJP की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद में महिला आरक्षण बिल का समर्थन न करके कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया है।

नेताओं का कहना है कि बिल का विरोध विपक्ष का “असली चेहरा” सामने लाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के हितों की अनदेखी की और “गंदी राजनीति” की।

BJP ने ऐलान किया है कि विपक्ष के इस रवैये के खिलाफ सोमवार, 20 अप्रैल को भोपाल में ‘आक्रोश रैली’ निकाली जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके रुख से पार्टी का महिला-विरोधी दृष्टिकोण साफ हो गया है। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रियंका गांधी की भी आलोचना करते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़े बिल का विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब मुद्दा निर्णायक दौर में पहुंचा, तब कांग्रेस अपने रुख से पीछे हट गई। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस ने बिल का समर्थन किया था, लेकिन बाद में संसद सत्र के दौरान अपने वादे से मुकर गई।

मोहन यादव ने कहा कि देश की महिलाएं और जनता इस रवैये को माफ नहीं करेंगी। साथ ही उन्होंने कांग्रेस से आत्ममंथन करने की बात कहते हुए जाति जनगणना जैसे मुद्दों पर उसके पुराने रुख पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मध्य प्रदेश में स्थानीय निकाय एक बार फिर महिला आरक्षण बिल के समर्थन में प्रस्ताव पारित करेंगे।

राज्य में महिला सशक्तिकरण का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में 17 जिलों में महिला कलेक्टर हैं और 10 से अधिक जिलों में कलेक्टर और एसपी दोनों ही महिलाएं हैं, जो महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

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