20 अप्रैल 2026। मध्य प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ₹3,600 करोड़ के बड़े साइबर फ्रॉड के मास्टरमाइंड लवलेश चौधरी उर्फ नवाब को वापस भारत लाने की तैयारी में जुट गई है। STF ने लवलेश को दुबई (UAE) से भारत लाने (प्रत्यर्पण) के लिए सबूतों के साथ एक विस्तृत प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
लवलेश चौधरी पर निवेश के नाम पर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है। वह फिलहाल दुबई में छिपा हुआ है। पिछले महीने इंटरपोल ने उसके खिलाफ 'रेड कॉर्नर नोटिस' जारी किया था, जिसके बाद भारत सरकार भी उसे पकड़ने के लिए सक्रिय हो गई है।
कैसे होगी वापसी? (मुख्य बिंदु)
दस्तावेजों का अनुवाद: STF ने केस डायरी और सबूतों समेत करीब 400 पन्ने तैयार किए हैं। इन सभी का हिंदी और अंग्रेजी से अरबी भाषा में अनुवाद कराया गया है ताकि UAE की अदालत को समझने में आसानी हो।
प्रक्रिया में समय: प्रत्यर्पण के नियमों के मुताबिक, लवलेश को वापस लाने में लगभग 3 से 4 महीने का समय लग सकता है।
MP पुलिस का पहला मामला: मध्य प्रदेश STF के इतिहास में यह पहला मौका है जब विदेश में छिपे किसी अपराधी को लाने के लिए प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
अगला कदम क्या होगा?
STF ने इंदौर की कोर्ट से मंजूरी ले ली है। अब राज्य सरकार इन दस्तावेजों को गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को भेजेगी। वहां से कूटनीतिक रास्तों और इंटरपोल के जरिए इन्हें UAE सरकार को सौंपा जाएगा। मंजूरी मिलते ही STF की एक टीम लवलेश को लेने दुबई जाएगी।
अब तक की कार्रवाई:
STF के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) डी. श्रीनिवास वर्मा के अनुसार, इस महा-घोटाले में अब तक देश भर से 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मास्टरमाइंड लवलेश की गिरफ्तारी से कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।















