12 जून 2026। मध्यप्रदेश शासन के पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार दिवस एवं अभिलेख सप्ताह 2026 का शुभारंभ सोमवार को भोपाल में हुआ। सात दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य अभिलेखीय धरोहर, पांडुलिपियों, ऐतिहासिक दस्तावेजों तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन संयुक्त संचालक श्रीमती मनीषा शर्मा की उपस्थिति में किया गया। उद्घाटन सत्र में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अतिथियों ने भाग लिया। इस अवसर पर श्रीमती शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अभिलेखागारों के महत्व और ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान ‘धरोहर एवं अभिलेख संरक्षण’ विषय पर विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया गया। इसमें डॉ. रमेश यादव ने विभिन्न प्रकार की धरोहरों, उनके ऐतिहासिक महत्व तथा संरक्षण की चुनौतियों और आवश्यकताओं पर विस्तृत जानकारी साझा की। अन्य वक्ताओं ने भी अभिलेखीय धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर श्री निलेश लोखंडे ने अभिलेखागार एवं धरोहर संरक्षण विषय पर प्रस्तुति देते हुए अभिलेखों के संरक्षण, डिजिटलीकरण और प्रबंधन की आधुनिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी। विद्यार्थियों को अभिलेखागार का भ्रमण भी कराया गया, जहां उन्हें दस्तावेजों के संरक्षण, सूचीकरण, डिजिटलीकरण और सुरक्षित भंडारण की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में एमपी लाइब्रेरी वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप के प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें डिजिटल पुस्तकालय सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए।
अभिलेख सप्ताह के प्रथम दिवस का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आगामी छह दिनों में विभिन्न व्याख्यान, प्रदर्शनियां, कार्यशालाएं तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनके माध्यम से अभिलेखीय और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के महत्व को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाएगा।















