19 जून 2026। भोपाल नगर निगम (BMC) मध्य प्रदेश का पहला शहरी निकाय बनने जा रहा है, जहां अधिकारियों के आधिकारिक उपयोग के लिए केवल इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का इस्तेमाल किया जाएगा। इस दिशा में निगम ने पहले चरण में 50 इलेक्ट्रिक कारों की खरीद और 30 नए EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों का पहला बैच अतिरिक्त आयुक्त, उप आयुक्त और सहायक आयुक्त जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को आवंटित किया जाएगा। वाहनों के संचालन से पहले चरणबद्ध तरीके से चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित कर दिए जाएंगे।
तीन साल के अनुबंध पर होगा संचालन
BMC के परिवहन विभाग ने वाहन खरीद और प्रबंधन के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। चयनित एजेंसी तीन वर्षों तक वाहन बेड़े के संचालन, रखरखाव और उपलब्धता की जिम्मेदारी संभालेगी।
यह पहल शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग (UAD) के आयुक्त संकेत भोंडवे के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। यह निर्देश 27 मार्च 2025 से लागू मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025 के तहत जारी किए गए थे।
स्मार्ट सिटी बनाएगी केंद्रीकृत EV फ्लीट
भोपाल स्मार्ट सिटी ने सरकारी विभागों के लिए EV एग्रीगेटर के रूप में काम करने की योजना तैयार की है। इसके तहत लगभग 2,500 इलेक्ट्रिक वाहनों का एक केंद्रीकृत बेड़ा विकसित किया जाएगा, जिसे विभिन्न सरकारी एजेंसियों को लीज मॉडल पर उपलब्ध कराया जाएगा।
चार्जिंग अवसंरचना को मजबूत करने के लिए भोपाल स्मार्ट सिटी और भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) शहर के प्रमुख प्रशासनिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में लगभग 70 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेंगे।
लंबी खरीद प्रक्रिया से मिलेगी राहत
नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी विभागों के लिए वाहन खरीद की जटिल और लंबी प्रक्रिया को समाप्त करना है। विभाग पूर्व निर्धारित लीज दरों पर सीधे स्मार्ट सिटी के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहन प्राप्त कर सकेंगे।
स्मार्ट सिटी निजी परिवहन ऑपरेटरों और EV निर्माताओं के सहयोग से पूरे वाहन बेड़े का रखरखाव करेगी तथा वाहनों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
भोपाल स्मार्ट सिटी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) अंजू अरुण ने कहा कि यह पहल नगर निगम में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देगी। उनका कहना है कि शहर की सड़कों पर पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों की संख्या कम करना इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है।

















