17 जून 2026। मध्य प्रदेश के करीब 9.5 करोड़ नागरिक अब अपनी समग्र फैमिली आईडी को सीधे डिजिलॉकर पर देख, डाउनलोड और साझा कर सकेंगे। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत भारत के प्रमुख डिजिटल दस्तावेज़ प्लेटफॉर्म डिजिलॉकर ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जारी समग्र (फैमिली आईडी) को अपने सिस्टम में शामिल कर लिया है। इससे नागरिकों को सरकारी योजनाओं, कल्याणकारी सेवाओं और विभिन्न सत्यापन प्रक्रियाओं के लिए अपनी पारिवारिक पहचान का प्रमाण तुरंत उपलब्ध हो सकेगा।
इस नई सुविधा के तहत नागरिक अपनी मौजूदा समग्र फैमिली आईडी को डिजिलॉकर से जोड़ सकते हैं। साथ ही, डिजिलॉकर और समग्र पोर्टल के एकीकरण के कारण पात्र नागरिक ऐप के माध्यम से नई फैमिली आईडी के लिए डिजिटल रूप से पंजीकरण और सहमति प्रक्रिया भी पूरी कर सकते हैं।
डिजिलॉकर पर समग्र फैमिली आईडी कैसे प्राप्त करें?
नागरिक चार आसान चरणों में अपनी समग्र फैमिली आईडी प्राप्त कर सकते हैं:
डिजिलॉकर ऐप खोलें या digilocker.gov.in पर लॉग-इन करें।
"जारी किए गए दस्तावेज़" (Issued Documents) अनुभाग में जाएं या "समग्र / परिवार आईडी मध्य प्रदेश" खोजें।
आवश्यक जानकारी दर्ज कर सहमति प्रदान करें।
दस्तावेज़ प्राप्त करें, जो तुरंत आपके डिजिलॉकर खाते में सुरक्षित रूप से सहेज लिया जाएगा।
कागजरहित और डिजिटल शासन को मिलेगा बढ़ावा
मध्य प्रदेश में समग्र आईडी विभिन्न सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) और अन्य नागरिक सेवाओं के वितरण का प्रमुख आधार है। डिजिलॉकर पर इसकी उपलब्धता से राज्य की डिजिटल और कागजरहित शासन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को हर समय अपनी पहचान संबंधी दस्तावेज़ तक पहुंच सुनिश्चित होगी।
अधिकारियों के अनुसार, समग्र आईडी अब सुरक्षित, सत्यापित और हमेशा उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज़ के रूप में नागरिकों की पहुंच में रहेगी, जिससे सेवाओं का लाभ प्राप्त करना अधिक सरल और सुविधाजनक होगा।
नागरिकों को मिलने वाले प्रमुख लाभ
सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी सेवाओं के लिए पारिवारिक पहचान पत्र तक आसान पहुंच।
भौतिक दस्तावेज़ों और कागजी प्रक्रियाओं पर निर्भरता में कमी।
डीबीटी, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और अन्य सार्वजनिक सेवाओं तक तेज़ पहुंच।
समग्र फैमिली आईडी की कानूनी रूप से मान्य डिजिटल प्रति उपलब्ध।
सत्यापन प्रक्रिया अधिक तेज़, सरल और सुविधाजनक।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा।
दस्तावेज़ों को सुरक्षित रूप से संग्रहित और साझा करने की सुविधा।
डिजिटल समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह पहल मध्य प्रदेश सरकार और डिजिलॉकर की उस साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत तकनीक के माध्यम से नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुलभ बनाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के एकीकरण से सरकारी दस्तावेज़ों तक पहुंच आसान होगी और डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को मजबूत आधार मिलेगा।
डिजिलॉकर के बारे में
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत विकसित डिजिलॉकर भारत सरकार का एक प्रमुख डिजिटल दस्तावेज़ प्लेटफॉर्म है, जहां विभिन्न सरकारी दस्तावेज़ और प्रमाणपत्र डिजिटल रूप में जारी और सत्यापित किए जाते हैं। यह प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित क्लाउड-आधारित खाता उपलब्ध कराता है, जिससे वे कभी भी और कहीं से भी अपने प्रमाणित डिजिटल दस्तावेज़ों तक पहुंच सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप भौतिक प्रतियां साथ रखने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाती है।

















