17 साल बाद बदले गए भर्ती नियम, नया सेटअप बना
5 दिसंबर 2019। राज्य सरकार ने विमानन विभाग के अंतर्गत चीफ पायलट का पद खत्म कर दिया है। इसके अलावा अब विमानन संचालक किसी भी शासकीय सेवा का हो सकेगा। पहले चीफ पायलट के ही संचालक होने का प्रावधान था।
इस संबंध में राज्य सरकार ने सत्रह साल पहले वर्ष 2003 में बने मप्र विमानन विभाग राजपत्रित-तकनीकी सेवा भर्ती तथा सेवा शर्ते नियम में संशोधन कर दिया है। नये सेटअप के अनुसार, अब विमानन विभाग में आयुक्त विमानन का एक पद होगा जोकि प्रथम श्रेणी का होगा और आईएएस अधिकारी से भरा जायेगा। आयुक्त के नीचे संचालक विमानन का भी प्रथम श्रेणी का पद होगा जोकि किसी भी शासकीय सेवा से भरा जा सकेगा।
इसीलिये खत्म किया चीफ पायलट का पद :
पहले चीफ पायलट ही विमानन संचालक होता था जिससे उस पर प्रशासनिक भार भी रहता था। जबकि केंद्र सरकार के विमानन महानिदेशक के दिशा-निर्देश हैं कि चीफ पायलट पर प्रशासनिक भार ज्यादा नहीं डाला जाये।
पदों का बना नया सेटअप :
शासकीय विमान उड़ाने वालों के लिये अब प्रथम श्रेणी के चार पायलटों के पद होंगे जिनमें सीनियर पायलट और पायलट के एक-एक पद तथा जूनियर पायलट के दो पद होंगे। हेलीकाप्टर उड़ाने वाले पायलट के भी चार पद कर दिये गये हैं जिनमें सीनियर पायलट और पायलट के एक-एक पद तथा जूनियर पायलट के दो पद होंगे। पहले विमान एवं हेलीकाप्टर पायलट के पदों की संख्या में विसंगति थी तथा अब संशोधन के जरिये दोनों संवर्गों में पदों की संख्या समान कर दी है। विमान उड़ाने वाले पायलटों के पहले पांच पद थे जिन्हें अब चार कर दिये गये हैं। द्वितीय श्रेणी का एक पद प्रशासकीय अधिकारी का रखा गया है। जूनियर पायलेट को पायलेट तथा पायलेट को सीनियर पायलेट के पद पर पदोन्नति दी जायेगी।
सिंगल इंजन हेलीकाप्टर बिक गया :
राज्य सरकार ने टेण्डर के जरिये 18 साल पुराना सिंगल इंजन हेलीकाप्टर 407 बेच दिया है। यह खरीदा तो 19 करोड़ रुपये में था परन्तु नीलामी में इसके 6 करोड़ रुपये मिल गये। यह रनिंग स्थिति में था।
डबल इंजन हेलीहकाप्टर नहीं बिका :
राज्य सरकार का ग्राउण्ड पड़ा 21 साल पुराना डबल इंजन हेलीकाप्टर खरीदार नहीं मिलने पर बिक नहीं सका है। इसके लिये एक आप्शन यह भी रखा गया है कि यदि यह नीलामी में नहीं बिक सका तो इसे अध्ययन के लिये किसी शैक्षणिक संस्था या फ्लाईंग क्लब को दे दिया जाये।
नया विमान खरीदने होगा अनुबंध :
राज्य सरकार नया विमान खरीदने जा रही है। इसके लिये विदेशी कंपनी को अनुबंध करने के लिये बुलाया गया है। अनुबंध होने पर उसे दस प्रतिशत राशि दी जायेगी तथा विमानन भोपाल आने पर शेष 90 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जायेगा।
(डॉ. नवीन जोशी)
राज्य सरकार ने खत्म किया चीफ पायलट का पद
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Bhopal 👤By: DD Views: 1591
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