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मृत लोगों की पेंशन बैंक एवं पोस्ट आफिस में रखना वित्तीय अनियमितता माना

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📍 Bhopal
मृत लोगों की पेंशन बैंक एवं पोस्ट आफिस में रखना वित्तीय अनियमितता माना
भोपाल 27 दिसम्बर 2021। राज्य के सामाजिक न्याय विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी मृत लोगों की पेंशन बैंक एवं पोस्ट आफिस में रखना वित्तीय अनियमितता माना है।
पत्र में कहा गया है कि सामाजिक न्याय विभाग अंतर्गत संचालित भारत सरकार की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्त पेंशन एवं राज्य शासन की समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री कल्याणी पेंशन, मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन, वृद्धाश्रम में निवासरत अंत:वासी, कन्या अभिभावक पेंशन योजना तथा 6 वर्ष से अधिक आयु के मानसिक बहुविकलांगों को आर्थिक सहायता के तहत 12 प्रकार की पेंशन योजनाओं का ऑनलाईन क्रियान्वयन एनआईसी द्वारा विकसित पेंशन पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। पेंशन योजनाओं के अंतर्गत प्रदेश में लाभ प्राप्त कर रहे हितग्राहियों की मृत्यु होने पर मृत्यु दिनांक के पश्चात भी उनके बैंक खातों में पेंशन राशि जमा होती रहती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि जिला अंतर्गत निकायों में हितग्राहियों का वास्तविक सत्यापन नहीं किया जा रहा है। विभाग के उप अंकेक्षक द्वारा अधिकांश जिलों में किये गये आडिट के दौरान अवगत कराया गया कि भारत सरकार की राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित पेंशन योजनाओं के अंतर्गत पूर्व के वित्तीय वर्षों की जिला/निकाय/जनपदों में प्रशासकीय मद की राशि तथा पूर्व वित्तीय वर्षो की पेंशन राशि बैंक तथा पोस्ट आफिसों में निकायों द्वारा राशि आहरण कर राशि रखी गई है जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आती है, जिस पर महालेखाकार कार्यालय ग्वालियर द्वारा भी आडिट आपत्ति आक्षेपित की गई है। समय पर कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में आक्षेपित कंडिका विधानसभा की लोक लेखा समिति में सम्मिलित होने पर समिति के समक्ष साक्ष्य हेतु उपस्थित होना पड़ता है। ऐसी स्थिति निर्मित न हो, यदि होती है, तो इसका उत्तरदायित्व संबंधित जिले का होगा।
पत्र में हिदायत दी गई कि पेंशन प्राप्त कर रहे हितग्राहियों में यदि किसी हितग्राही की मृत्यु होने के उपरांत एक माह से अधिक का समय हो गया है तो उसके परिवार से सम्पर्क कर जांच कर ली जाये कि मृतक के बचत खाते में पेंशन की राशि कब-कब कितनी राशि जमा हुई या नहीं, इसके उपरांत बैंक में जाकर पुष्टि कर मृतक के खाते में जमा पेंशन राशि एवं पूर्व वर्षों की प्रशासकीय मद की मूल राशि एवं ब्याज राशि आदि की जानकारी शासन के बजट हेडों में जमा कराई जाये।
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