23 फरवरी 2023। राज्य सरकार ने रेत खनन के लिये चालीस साल पहले बने राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य का 207.049 हैक्टेयर क्षेत्र डिनोटिफाई कर दिया है। इसके लिये वन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।
यह कार्यवाही केंद्रीय वन्य प्राणी बोर्ड के निर्णय पर की गई है। यह डिनोटिफिकेशन स्थानीय निवासियों को उनकी आजीविका के लिये चम्बल नदी के पास से रेत की आपूर्ति की व्यवस्थाओं के लिये की गई है।
चम्बल नेशनल सेंचुरी के श्योपुर जिले की बढ़ौदा तहसील में मुरैना वनमंडल के बड़ादिया बिन्दी क्षेत्र का 9.489 हैक्टेयर, जिला मुरैना की तहसील जौरा/मुरैना में वनमंडल मुरैना का बरवासिन क्षेत्र का 118.66 हैक्टेयर तथा मुरैना जिले की तहसील मुरैना में वनमंडल मुरैना का राजघाट क्षेत्र का 78.90 हैक्टेयर क्षेत्र डिनोटिफाई किया गया है जोकि कुल 207.049 हैक्टेयर होता है।
डिनोटिफाई में शर्त रखी गई है कि चम्बल नदी जल सीमा क्षेत्र या जल से घिरी हुई नदी में जल क्षेत्र या रेत जमाव में उत्खनन नहीं होगा। रेत खनन, परिवहन, रेत भण्डारण एवं रेत विपणन प्रशासकीय निगरानी में होगा। रेत परिवहन की टीपी में बारकोडिंग, रायल्टी रसीद में बारकोडिंग, परिवहन वाहनों में जीपीएस की व्यवस्था की जायेगी तथा खनन पट्टों का जियो टेग सीमांकन किया जायेगा। डिनोटिफाई किये गये क्षेत्र में सीमा चिन्ह यानि पिलर्स लगाये जायेंगे जो जियो टैगिंग युक्त होंगे।
- डॉ. नवीन जोशी

मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य का 207 हैक्टेयर क्षेत्र रेत खनन के लिये डिनोटिफाई
Place:
Bhopal 👤By: prativad Views: 1404
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