04 मार्च 2023। राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन एवं उसकी दो एनेक्सियों में चल रहे 55 विभागों में अन्य संचालनालयों एवं कार्यालयों से कर्मी बुलाकर अटेच करने का सिलसिला नहीं थम रहा है। राज्य सरकार ने तेईस साल पहले 8 जनवरी 2000 को आदेश जारी कर कहा था कि सभी प्रकार के अटेचमेंट खत्म किये जायें और इसके बाद 3 मई 2000, 21 जुलाई 2000 एवं 25 जून 2013 को भी पत्र जारी कर अटेचमेंट समाप्त करने के लिये सभी विभागों से कहा गया। लेकिन इस पर विभागों ने अमल नहीं किया। अब चौथी बार राज्य सरकार ने सभी विभागों को पत्र जारी कर कहा है कि वे अपने यहां अटेच किये गये कर्मियों की जानकारी भेजें क्योंकि अटेचमेंट खत्म करने के आदेश का पालन नहीं किया गया है।
विभागों की यह दिक्कत :
दरअसल मंत्रालय में चल रहे विभागों की दिक्कत यह है कि उन्हें जीएडी अपेक्षित मात्रा में कर्मचारी प्रदान नहीं कर रहा है। यहां तक कि फाईल लेकर जाने वाले भृत्यों को भी नहीं देता है। वाहन एवं एसके चालकों को भी वह प्रदान नहीं करता है। ऐसे में विभाग अपने संचालनालयों एवं अन्य कार्यालयों से कर्मचारी बुलाकर अपने यहां अटेच कर देता है।
छापा मर कार्यवाही भी हो चुकी है :
राज्य शासन के अटेचमेंट समाप्त करने के आदेश का पालन नहीं होने पर जीएडी मंत्रालय के विभागों में दल बनाकर छापामार कार्यवाही भी कर चुका है। ये दल विभाग में जाकर वहां पदस्थ कर्मचारियों का सत्यापन भी कर चुके हैं।
अलग रास्ता अपनाते हैं विभाग :
अटेचमेंट खत्म करने के आदेश एवं छापामार कार्यवाही से बचने के लिये विभाग अलग रास्ता अपनाये हुये हैं। वे संचालनालयों से कर्मचारी बुलाकर अपने यहां काम करवाते हैं परन्तु उनके अटेचमेंट का कोई आदेश नहीं होता है।
- डॉ. नवीन जोशी

मंत्रालय में अटेचमेंट खत्म करने के आदेश का नहीं हो रहा पालन
Place:
Bhopal 👤By: prativad Views: 3648
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