19 मार्च 2023। राज्य सरकार ने वनाधिकार कानून 2006 के तहत 98 हजार 754 पट्टा दावों को निरस्त किया हुआ है तथा अब वह इनका पुन: परीक्षण करेगी ताकि पात्र वनवासियों को वन क्षेत्र में पट्टे मिल सकें। इन निरस्त दावों में जनजातीय वर्ग के 49 हजार 851, अन्य परम्परागत वर्ग के 42 हजार 616 तथा सामुदायिक 6 हजार 285 दावे शामिल हैं। वनमित्र पोर्टल के माध्यम से अब इन निरस्त दावों का पुन: परीक्षण किया जायेगा।
उल्लेखनीय है कि वनाधिकार कानून के तहत जिन वन क्षेत्रों में पट्टे दिये गये हैं उनमें व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार तो दिये गये हैं परन्तु समुदायिक वन स्रोत संबंधी कोई अधिकार नहीं दिये गये हैं। इसके लिये राज्य सरकार ने कहा कि जिला कलेक्टर समुदायिक वन स्रोत संबंधी क्षेत्र नोटिफाई करे। ज्ञातव्य है कि प्रदेश में 925 वन ग्राम हैं जिनमें से 98 वीरान हैं तथा शेष 827 वन ग्रामों में जनजाति वर्ग की संख्या 3 लाख 31 हजार 705 है। इन वन ग्रामों में आधारभूत सुविधायें जैसे सडक़ें, बिजली, पेयजल आदि उपलब्ध करवाने के लिये स्कीमें लागू की जा रही हैं।
- डॉ. नवीन जोशी

वनाधिकार पट्टों के एक लाख निरस्त दावों का पुन: परीक्षण होगा
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Bhopal 👤By: prativad Views: 1640
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