6 मई 2023। राज्य सरकार ने बरसों पुराने उस कानून को खत्म कर दिया है जिसमें शहरों में प्रतिबंधित क्षेत्रों में वैश्यावृत्ति एवं भिक्षावृत्ति करते पाये जाने पर जुर्माने एवं कारावास का प्रावधान किया था। नगर निगम क्षेत्रों में वैश्यावृत्ति हेतु पांच हजार रुपये अर्थदण्ड एवं छह माह के कारावास का और भिक्षावृत्ति करने पर पांच सौ रुपये का अर्थदण्ड एवं तीन माह के कारावास का और नगर पालिका व नगर परिषद क्षेत्रों में वैश्यावृत्ति करने पर पांच सौ रुपये का जुर्माने एवं छह माह के कारावास एवं भिक्षावृत्ति करने पर पचास रुपये का जुर्माना एवं तीन माह के कारावास का प्रावधान था। इन प्रावधानों को खत्म करने के लिये राज्य सरकार ने पिछले विधानसभा सत्र में मप्र नगर पालिका विधि संशोधन विधेयक पारित किया था जिसे अब राज्यपाल की मंजूरी मिलने से यह अधिनियम के रुप में प्रभावशील हो गया है। दरअसल उक्त अधिनियम में मप्र नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 एवं मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961 के उन प्रावधानों का लोप कर दिया गया है जिनमें वैश्यावृत्ति एवं भिक्षावृत्ति करने पर जुर्माने एवं कारावास का प्रावधान था। कारावास की सजा के उस प्रावघान को भी अब खत्म कर दिया गया है जिसमें भवन या भूमि स्वामी द्वारा नगरीय निकाय के नोटिस के बावजूद उस पर अमल नहीं करता है। अब सिर्फ पांच हजार रुपये का जुर्माना इस अपराध में लगाया जा सकेगा।
- डॉ. नवीन जोशी

प्रदेश के शहरों में वैश्यावृत्ति और भिक्षावृत्ति करने पर जुर्माना एवं कारावास की सजा के प्रावधान खत्म हुये
Place:
भोपाल 👤By: prativad Views: 665
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