13 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद बैठक में राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल करीब 19,810 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें सड़क निर्माण, सिंचाई, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र प्रमुख रहे।
सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे बड़ा खर्च
लोक निर्माण विभाग के तहत 10,801 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसमें:
बीओटी सड़कों के विकास और मॉनिटरिंग के लिए 150 करोड़
बीओटी परियोजनाओं के भुगतान के लिए 765 करोड़
एन्यूटी भुगतान के लिए 4,564 करोड़
एमपी रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की बाह्य वित्त परियोजनाओं के लिए 5,322 करोड़
सरकार ने इन योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने का फैसला भी किया है।
सागर में सिंचाई परियोजना को हरी झंडी
सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रुपये की प्रशासकीय मंजूरी दी गई। इस परियोजना से 27 गांवों की करीब 7,200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिससे किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।
ग्रामीण विकास और पोषण योजनाएं
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मिड-डे मील जैसी योजनाओं के संचालन के लिए 3,553.35 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। ये योजनाएं भी अगले पांच साल तक जारी रहेंगी।
कृषि में मशीनों को बढ़ावा
सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) के लिए 2,250 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके तहत:
कस्टम हायरिंग सेंटर खोले जाएंगे
नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा
वन पट्टाधारी किसानों को कृषि उपकरणों पर अनुदान मिलेगा
सरकार का दावा है कि इससे खेती में लागत और समय दोनों कम होंगे और रोजगार भी बढ़ेगा।
नए मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य सेवाएं
प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 1,674 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इसके तहत जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जाएगा।
वहीं, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने के लिए 1,005 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। यह व्यवस्था 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर
महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के लिए 240.42 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसमें:
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ
वन स्टॉप सेंटर
महिला हेल्पलाइन 181
इन योजनाओं को भी 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखा जाएगा।
8 नए वन स्टॉप सेंटर खुलेंगे
प्रदेश में 8 नए वन स्टॉप सेंटर खोलने का फैसला लिया गया है। ये सेंटर मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा, धार (मनावर, पीथमपुर), इंदौर (लसूडिया, सांवेर) और झाबुआ (पेटलावद) में स्थापित किए जाएंगे।















