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कूनो में ढल रहे बोत्सवाना के चीते, पहली बार जंगल में शावकों का जन्म बड़ी सफलता

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 185

14 अप्रैल 2026। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लाए गए बोत्सवाना के चीते अब नए माहौल में तेजी से खुद को ढालते नजर आ रहे हैं। हाल ही में क्वारंटाइन से निकालकर ‘सॉफ्ट रिलीज़’ बाड़ों में छोड़े गए नौ चीतों ने शिकार करना शुरू कर दिया है, जो उनके अनुकूलन का मजबूत संकेत माना जा रहा है।

वन अधिकारियों के अनुसार, ये चीते बाड़ों के भीतर मौजूद शाकाहारी जानवरों का शिकार कर अपनी जीवित रहने की क्षमता दिखा रहे हैं। इससे यह साफ है कि वे धीरे-धीरे जंगल के वातावरण में सहज हो रहे हैं।

इन चीतों को फिलहाल अलग-अलग सॉफ्ट रिलीज़ बाड़ों में रखा गया है, जहां पर्याप्त शिकार उपलब्ध है। करीब एक महीने तक उनकी निगरानी की जाएगी, जिसके बाद तय होगा कि उन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाए या फिर किसी अन्य स्थान, जैसे नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य में स्थानांतरित किया जाए।

इस बीच, कूनो से एक और बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। एक मादा चीता ने चार शावकों को जन्म दिया है—जो प्रोजेक्ट के तहत जंगल में जन्मे पहले शावक हैं। मादा अपने बच्चों की देखभाल बेहद सतर्कता और स्वाभाविक तरीके से कर रही है। वह उन्हें नियमित रूप से दूध पिला रही है और अधिकांश समय उनके साथ बिता रही है।

अधिकारियों ने साफ किया है कि वे इस दौरान किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेंगे। उनका कहना है कि शावकों की देखभाल पूरी तरह मां पर छोड़ दी गई है, जैसा कि प्राकृतिक परिस्थितियों में होता है। टीम दूर से ही उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही है।

हालांकि, आने वाले दिनों में बढ़ती गर्मी चीतों के लिए चुनौती बन सकती है। इसी वजह से वन विभाग उनकी हर गतिविधि पर करीबी नजर बनाए हुए है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय पर कदम उठाए जा सकें।

वन्यजीव विशेषज्ञ इस घटना को प्रोजेक्ट की बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। उनका कहना है कि जंगल में शावकों का जन्म इस बात का संकेत है कि चीते न सिर्फ जीवित रह पा रहे हैं, बल्कि नई पीढ़ी भी तैयार हो रही है।

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