15 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की पहली कोर कमेटी की बैठक मंगलवार को उनके निवास पर आयोजित हुई। इस अहम बैठक में महिला आरक्षण (कोटा) बिल और प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में रणनीति बनाई गई कि जैसे ही संसद से महिला कोटा बिल पास होगा, पार्टी पूरे राज्य में बड़ा अभियान शुरू करेगी। इसके लिए नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी देकर तैनात किया जाएगा। साथ ही, यह भी आकलन किया गया कि इस बिल का 2028 के विधानसभा चुनावों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
बैठक के दौरान यह भी चर्चा हुई कि यदि कांग्रेस इस बिल का विरोध करती है, तो उसे महिला विरोधी के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संकेत दिया कि सरकार जल्द ही इस विषय पर एक कमेटी गठित करेगी और उसकी सिफारिशों के आधार पर आगे कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, बैठक में यह बात भी सामने आई कि पार्टी के कुछ आदिवासी नेता UCC को लेकर चिंतित हैं। उनका मानना है कि अगर इसमें आदिवासी समुदाय को शामिल किया गया, तो असंतोष बढ़ सकता है। उदाहरण के तौर पर यह भी बताया गया कि जिन राज्यों में UCC लागू है, वहां आदिवासी समुदाय को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी बिहार यात्रा के कारण शामिल नहीं हो सके, जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया बैठक में थोड़ी देर मौजूद रहने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इसके अलावा दो उपमुख्यमंत्री, तीन मंत्री, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, लाल सिंह आर्य और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
सरकार और संगठन के कामकाज पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने सुझाव दिया कि महत्वपूर्ण फैसलों से पहले कोर कमेटी को भरोसे में लिया जाना चाहिए। साथ ही, यह मुद्दा भी उठा कि कुछ अधिकारी जनप्रतिनिधियों को पर्याप्त महत्व नहीं दे रहे हैं। एक वरिष्ठ नेता ने जोर देकर कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान बना रहे।
















