8 अगस्त से भोपाल बाजार में उपलब्ध होंगे नए स्वरूप वाले सांची उत्पाद
7 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ (एमपीसीडीएफ) ने अपने विश्वसनीय डेयरी ब्रांड 'सांची' के संपूर्ण उत्पाद पोर्टफोलियो को नए आकर्षक स्वरूप में प्रस्तुत किया। नए रंगों, आधुनिक लेआउट और नवीन डिज़ाइन से सुसज्जित यह ब्रांड पहचान मध्यप्रदेश शासन एवं नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच हुए अनुबंध के तहत विकसित की गई है। भोपाल में आयोजित भव्य लॉन्च समारोह एवं प्रेस वार्ता में एनडीडीबी और एमपीसीडीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में वितरक एवं खुदरा विक्रेता भी उपस्थित रहे, जिसने सांची ब्रांड के प्रति संस्थागत विश्वास और बाजार की मजबूत स्वीकार्यता को रेखांकित किया।
एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने कहा, "सांची मध्यप्रदेश की दुग्ध सहकारी समितियों की सामूहिक शक्ति और सहकारिता की भावना का प्रतीक है। यह ऐसा ब्रांड है जिसकी समृद्धि उसके किसानों की समृद्धि से जुड़ी हुई है। मध्यप्रदेश शासन और एनडीडीबी के सहयोग से विकसित इसकी नई पहचान गुणवत्ता और दुग्ध उत्पादक किसानों के कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और सशक्त बनाती है। सहकारी मॉडल पर आधारित सांची यह सुनिश्चित करती है कि ब्रांड की प्रगति का लाभ अंततः उन दुग्ध उत्पादक किसानों तक पहुंचे, जिनके परिश्रम से यह व्यवस्था संचालित होती है।"
एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी ने कहा, "पिछले 45 वर्षों से सांची भोपाल के लाखों परिवारों के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा रही है और यही विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। यह नई पहचान केवल रंग और डिज़ाइन में बदलाव नहीं है, बल्कि समय के साथ आगे बढ़ने की हमारी सोच का प्रतिबिंब है, जिसमें गुणवत्ता और हमारे दुग्ध उत्पादक किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता पर हैं। नया स्वरूप उसी शुद्धता और भरोसे के वादे को आधुनिक रूप में प्रस्तुत करता है, जिससे आज का उपभोक्ता सहज रूप से जुड़ सके।"
भोपाल दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रितेश जोशी ने कहा, "सांची दूध उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले कठोर गुणवत्ता परीक्षणों से गुजरता है। नई पैकेजिंग इस गुणवत्ता आश्वासन को और अधिक प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करती है। यह न केवल शुद्धता और विश्वसनीयता का संदेश देती है, बल्कि आकर्षक स्वरूप के कारण उपभोक्ताओं को बाजार में उत्पाद की आसानी से पहचान करने में भी सहायता करेगी।"
एमपीसीडीएफ का प्रमुख डेयरी ब्रांड सांची अपनी नई ब्रांड पहचान के माध्यम से परंपरा और आधुनिकता के बीच एक मजबूत सेतु स्थापित कर रहा है। एक समान पैकेजिंग एवं संचार डिज़ाइन के माध्यम से ब्रांड की छवि को आधुनिक बनाया गया है, जिससे दृश्य पहचान को एकरूपता मिली है तथा स्वच्छता, ताजगी और गुणवत्ता के प्रति उपभोक्ताओं का विश्वास और मजबूत होगा।
नई पैकेजिंग में मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित गोंड कला को विशेष स्थान दिया गया है। इसमें गाय, ग्रामीण आवास, दूध के कैन तथा महिला दुग्ध उत्पादक जैसे प्रतीकों को कलात्मक रूप से दर्शाया गया है। यह विशिष्ट और सांस्कृतिक रूप से जुड़ा डिज़ाइन सांची को आधुनिक आकर्षण प्रदान करने के साथ-साथ मूल्य संवर्धित दुग्ध उत्पादों की श्रेणी में उसकी विश्वसनीयता को और सुदृढ़ करेगा। इससे सांची को मध्यप्रदेश में अपनी मजबूत उपस्थिति को और विस्तार देने, नए उत्पाद वर्गों में प्रवेश करने तथा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी ब्रांड के रूप में स्थापित होने में मदद मिलेगी।
नई पैकेजिंग सांची के संपूर्ण उत्पाद पोर्टफोलियो में लागू की गई है, जिसमें स्मार्ट, गोल्ड, ताज़ा और शक्ति दूध के अलावा सादा दही, पनीर, मठ्ठा (बटरमिल्क), छाछ और चाय दूध (चाह) शामिल हैं। नए स्वरूप वाले ये उत्पाद 8 अगस्त 2026 से भोपाल के बाजार में उपलब्ध होंगे।
सांची दूध का पाश्चुरीकरण एवं पैकेजिंग भोपाल दुग्ध संघ के आधुनिक, एफएसएसएआई मानकों के अनुरूप संयंत्र में किया जाता है। यह दूध मध्यप्रदेश के गांवों की सहकारी दुग्ध समितियों से प्राप्त किया जाता है तथा विश्वस्तरीय मशीनों द्वारा 42 कठोर गुणवत्ता परीक्षणों के बाद ही उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। सांची दूध के प्रत्येक पैक को विटामिन ए एवं विटामिन डी से फोर्टिफाइड किया जाता है।
नई पहचान के साथ सांची एक बार फिर भोपाल के उपभोक्ताओं से अपने चार दशक से अधिक पुराने वादे को दोहराती है—
"स्वाद, सेहत, सांची।"















