25 वर्षों बाद बदले नगरीय निकाय वार्ड आरक्षण नियम
23 मार्च 2019। राज्य सरकार ने नगरीय निकायों के वार्डों के आरक्षण के संबंध में नया प्रावधान कर दिया है। यह नया प्रावधान मप्र नगरपालिका अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिये वार्डों का आरक्षण नियम 1994 में संशोधन के जरिये किया गया है।
संशोधन के जरिये नया प्रावधान किया गया है कि जिले के प्रत्येक नगरीय निकाय वार्डों का आरक्षण करने के पश्चात विहित अधिकारी आपत्तियां बुलाने के लिये एक घण्टे का समय निर्धारित करेगा। इस अवधि में, लिखित में प्राप्त आपत्तियों पर, उसी समय विचार करके प्रत्येक आपत्ति का निराकरण किया जायेगा एवं उसी समय आपत्तिकत्र्ता कों अवगत कराया जायेगा। इसके अलावा प्रत्येक आपत्ति का एवं उन पर लिये गये निर्णय का भी, संक्षेप में, कार्यवाही विवरण में उल्लेख किया जायेगा।
संशोधन में आरक्षण के संबंध में विहित प्राधिकारी द्वारा राज्य सरकार को अवगत कराने के संबंध में नये प्रावधान किये गये हैं। इसके अनुसार, वार्डों का आरक्षण किये जाने के तत्काल पश्चात विहित प्राधिकारी द्वारा आरक्षण के संबंध में आरक्षित वार्डों की सूची की विज्ञप्ति का प्रकाशन उसी दिन कलेक्टर एवं नगरीय निकाय के कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जायेगा। आरक्षित वार्डों की सूची राज्य शासन को इस अनुरोध सहित भेजी जायेगी कि आरक्षित वार्डों की अधिसूचना राजपत्र में आगामी कार्य दिवस को आवश्यक रुप से प्रकाशित कराई जाये।
(डॉ. नवीन जोशी)
अब केवल एक घण्टे में होगा आपत्तियो का निराकरण
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Bhopal 👤By: DD Views: 1975
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