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मध्यप्रदेश में नक्सलवाद का अंत, ‘लाल सलाम’ को आख़िरी सलाम: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 163

बालाघाट की धरती अब नक्सल मुक्त, हॉक फोर्स के साहस को सलाम
60 जांबाज़ जवानों को क्रम से पूर्व पदोन्नति, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

बालाघाट 9 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की धरती अब पूरी तरह नक्सल मुक्त है। बालाघाट जिले के आत्मबल, पुलिस की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता के भरोसे ने हिमालय जैसी चुनौती माने जाने वाले नक्सलवाद का अंत करके दिखा दिया है। उन्होंने कहा कि “बालाघाट के नाम में ही बल है” और इसी बल ने लाल सलाम को आख़िरी सलाम कहने का साहस दिया।

बालाघाट पुलिस लाइन में आयोजित अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देशभर में नक्सल उन्मूलन का निर्णायक माहौल बना, और मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रभावी रणनीति से नक्सलियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। इस अभियान में हॉक फोर्स के वीर जवानों की भूमिका ऐतिहासिक रही है।

शहीदों को श्रद्धांजलि, वीरों को सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘अमर जवान ज्योति’ पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नक्सल मुठभेड़ों में अदम्य साहस दिखाने वाले 60 पुलिस कर्मियों को क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अपने शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।

नक्सल आतंक से विकास की ओर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कभी बंदूकों की आवाज़ गूंजती थी, वहां अब रोजगार, विश्वास और शिक्षा की गूंज सुनाई देगी। बालाघाट जिले में नक्सल प्रभावित 250 से अधिक स्कूलों का नवीनीकरण किया गया है। जनजातीय समुदायों को वन अधिकार पट्टे, जाति प्रमाण पत्र और रोजगार के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने घोषणा की कि कृषक कल्याण वर्ष के तहत बालाघाट में कृषि कैबिनेट का आयोजन किया जाएगा।

आंकड़े जो संघर्ष की कीमत बताते हैं
मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान में मध्यप्रदेश ने 38 पुलिस जवानों और 27 नागरिकों को खोया है। बीते वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक, कुल 4104 नक्सल विरोधी अभियान चलाए गए। वर्ष 2025 में अब तक 10 कुख्यात हार्डकोर नक्सलियों को ढेर किया गया है। कठिन जंगल, मानसून और जंगली जानवरों की चुनौतियों के बावजूद अभियान जारी रहा।

आईएसओ सर्टिफिकेशन और नक्सल संस्मरण पुस्तिका
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बालाघाट जिले के 32 पुलिस थानों और शासकीय कार्यालयों के आईएसओ सर्टिफिकेशन का रिमोट लोकार्पण किया। साथ ही “नक्सल संस्मरण” पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। पुलिस जवानों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत ने माहौल को भावुक कर दिया।

बालाघाट बनेगा नक्सल मुक्त अभियान का स्मारक
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में नक्सलियों को दोबारा पैर जमाने का कोई अवसर नहीं मिलेगा। ‘अमर जवान ज्योति’ बालाघाट में नक्सल मुक्त अभियान का स्थायी स्मारक बनेगा। उन्होंने साफ़ कहा कि यह केवल सुरक्षा की जीत नहीं, बल्कि भरोसे और विकास की वापसी है।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने इस दिन को बालाघाट के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार, पुलिस और जनता के सामूहिक प्रयास से यह सफलता मिली है।
एडीजी नक्सल विरोधी अभियान श्री वेंकटेश्वर राव ने कहा कि देशभक्ति और जनसेवा पुलिस का मूल संकल्प है।
पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा ने भरोसा दिलाया कि अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, हॉक फोर्स के जवान और शहीदों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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