एक वर्ष के लिए ठेकेदारों का पंजीयन निलंबित
मंडीदीप सहित तीन नगरीय निकायों का मामला
6 अप्रैल 2019। राज्य शासन ने तीन नगरीय निकायों की जलप्रदाय योजना पूर्ण करने में विलम्ब करने पर संबंधित ठेकेदार का पंजीयन एक साल के लिये निलम्बित कर दिया है।
नगरीय प्रशासन एवं आवास संचालनालय के प्रमुख अभियंता प्रभाकांत कटारे द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मेसर्स पांडा टेक्नालाजी प्रायवेट लिमिटेड भोपाल को राजधानी के समीप मंडीदीप नगर पालिका तथा दो अन्य नगर परिषदों शाहगढ़ एवं शाहगंज में जलप्रदाय योजना के क्रियान्वयन का कार्य दिया गया था। मंडीदीप नगर पालिका में उक्त ठेकेदार कंपनी ने इन्टेकवेल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, ओवर हेड टैंक, रा वाटर राइजिंग मेन, क्लीयर वाटर राइजिंग मेन तथा इलेक्ट्रिक के कार्य पूर्ण करने में अत्यधिक विलम्ब किया गया। इसी प्रकार, नगर परिषद शाहगढ़ में जलप्रदाय योजना के अंतर्गत पाईप लाईन, एचटी फीडर तथा जीएसआर का निर्माण करने में देरी की गई। नगर परिषद शाहगंज की जलप्रदाय योजना में कार्य की प्रगति धीती गति से रही।
प्रमुख अभियंता ने अपने आदेश में कहा है कि उक्त ठेकेदार कंपनी द्वारा उक्त तीनों नगरीय निकायों की जलप्रदाय योजनाओं के क्रियान्वयन में पर्याप्त रुचि नहीं ली गई है। योजना को समय पर पूर्ण करने के कोई प्रयास न करते हुये अनावश्यक विलम्ब किया गया है। कंपनी के इस कृत्य से शासन की महत्वपूर्ण जलप्रदाय योजना का लाभ आम नागरिकों को प्राप्त नहीं हुआ एवं शासन की जनहित की योजना के लिये प्रावधानित राशि का समुचित उपयोग नहीं हो सका है। इस स्थिति में कंपनी का रजिस्ट्रेशन निरन्तर रखा जाना शासन हित में नहीं है। इसलिये एक वर्ष के लिये इस कंपनी का रजिस्ट्रेशन लोक निर्माण विभाग के प्रावधान अनुसार एक वर्ष के लिये निलम्बित किया जाता है।
-डॉ. नवीन जोशी
जलप्रदाय योजना में देर करने वाले ठेकेदारों को मिली सजा
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 1869
Related News
Latest News
- सोशल मीडिया पर बच्चों के यौन शोषण की सामग्री पर सरकार सख्त, प्लेटफॉर्म को 3 घंटे में हटाना होगा गैरकानूनी कंटेंट
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने की आगर-मालवा-जबलपुर के विद्यार्थियों से मुलाकात, देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता हैं ये छात्र
- MP विधानसभा में छात्र मुद्दे पर हंगामा, उमंग सिंघार का कैलाश विजयवर्गीय पर हमला: ‘अब नियम-प्रक्रिया याद आ रही है’
- 2024 में देश में साइबर अपराध के 1.02 लाख से अधिक मामले दर्ज, वित्तीय धोखाधड़ी में 11,158 करोड़ रुपये से ज्यादा बचाए गए
- अब साइबर हमले के लिए इंसान की जरूरत नहीं? एआई एजेंट ने हगिंग फेस को बनाया निशाना
Latest Posts















