होम आईसोलेशन पर ज्यादा रखे जा रहे हैं मरीज
7 अप्रैल 2021। प्रदेश के 51 जिलों के सरकारी अस्पतालों में 6 हजार 180 बेड कोरोना पाजीटिव मरीजों के लिये आरक्षित रखे गये हैं जिनमें 3 हजार 422 बेड आक्सीजन सपोर्टेड बेड हैं और 579 कोविड आईसीयू बेड हैं एवं शेष आईसोलेशन के लिये रिज़र्व बेड हैं। जबकि प्रदेश में इस समय कोरोना के एक्टिव केसेज करीब 22 हजार चल रहे हैं। जाहिर है, कि ज्यादातर कोरोना मरीजों को होम आईसोलेशन में भेजा जा रहा है या निजी अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है।
दरअसल राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने वर्तमान कोरोना पीक आवर्स में सभी जिलों के सिविल सर्जनों से कहा है कि वे जिला चिकित्सालयों में उपलब्ध कुल बेड में से 30 प्रतिशत बेड प्रसव, महिला एवं बच्चों के उपचार हेतु आरक्षित रखें जबकि 30 प्रतिशत बेड आपातकालीन उपचार के लिये रखें। शेष 40 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिये आरक्षित रखे जायें। सभी अस्पतालों में ऐसे आपरेशन दो माह तक स्थगित रखने के लिये कहा गया है जिनसे मरीज पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता हो। आपरेशन में संलग्र डाक्टरों को भी कोरोना मरीजों के भर्ती मरीजों के इलाज में लगाने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश के 51 जिलों के सरकारी अस्पतालों में कुल बेड संख्या 15 हजार 450 है।
- डॉ. नवीन जोशी
प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केस 22 हजार और सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध बेड मात्र 6 हजार
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 1186
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