मंत्रि-परिषद ने 15,009 करोड़ से अधिक की योजनाओं को दी निरंतरता, दो सिंचाई परियोजनाएं भी मंजूर
3 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापित परिवारों, किसानों, श्रमिकों और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया।
विस्थापित परिवारों को नि:शुल्क पंजीयन की सुविधा
मंत्रि-परिषद ने नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें आवंटित आवासीय भूखंडों का पंजीयन पूरी तरह नि:शुल्क कराने का निर्णय लिया। मानक संचालन प्रक्रिया के तहत देय पंजीयन शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी।
इस फैसले से 25,600 से अधिक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। हालांकि इससे राज्य शासन पर लगभग 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
मैहर और कटनी में दो सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने मैहर और कटनी जिलों की दो सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति दी।
धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना पर 53 करोड़ 73 लाख रुपये खर्च होंगे। इससे 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और दोनों जिलों के 9 गांवों के 2,810 किसान लाभान्वित होंगे।
वहीं कटनी जिले की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 566 करोड़ 92 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इस परियोजना से बरही और विजयराघवगढ़ तहसील के 27 गांवों के लगभग 11,500 किसानों को फायदा होगा और करीब 20,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित होगी।
6 विभागों की 10 योजनाओं को मिली पांच साल की मंजूरी
बैठक में 6 विभागों की 10 योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 15,009 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके तहत वित्त विभाग की 500 करोड़ रुपये से कम लागत वाली 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपये, श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना तथा स्थापना व कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3,376 करोड़ 66 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ब्लॉक ग्रांट योजना और पशुपालन, पशु विकास व गौ संवर्धन योजनाओं के लिए 6,472 करोड़ 18 लाख रुपये की मंजूरी दी गई।
इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग की किशोर कल्याण निधि और घरेलू हिंसा पीड़िता सहायता योजनाओं के लिए 24 करोड़ 70 लाख रुपये तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की स्वरोजगार एवं उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
समाज कल्याण बोर्ड भंग करने का फैसला
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने और वहां कार्यरत कर्मचारियों का संविलयन महिला एवं बाल विकास विभाग में करने की भी स्वीकृति दी।














