09 मार्च 2023। राज्य की भाजपा सरकार द्वारा आपातकाल के दौरान जेलों में बंद किये गये व्यक्तियों को 25 हजार रुपये प्रति माह सम्मान निधि दी जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग के बजट में इस निधि का नाम लोकनायक जय प्रकाश सम्मान था जिसे अब बदल कर लोकतंत्र सेनानी कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि आपातकाल में स्वर्गीय जय प्रकाश नारायण ने ही इसके लिये जबर्दस्त आंदोलन चलया था। वर्ष 2008 में राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार ने मीसाबंदियों को मासिक पेंशन देने के लिये लोक नायक जयप्रकाश नारायण (मीसा/डीआईआर, राजनैतिक या सामाजिक कारणों से निरुध्द व्यक्ति) सम्मान निधि नियम बनाये थे। लेकिन 9 अगस्त 2018 को भाजपा सरकार ने इसे कानूनी रुप देने के लिये मप्र लोकतंत्र सेनानी सम्मान एक्ट 2018 लागू किया और इसके तहत 18 सितम्बर 2018 को मप्र लोकतंत्र सेनानी सम्मान नियम जारी किये।
लेकिन वर्ष 2008 से सामान्य प्रशासन विभाग के बजट में मद का नाम लोकनायक जयप्रकाश सम्मान चल रहा था जिसमें वर्तमान वर्ष के लिये 60 करोड़ रुपयों का प्रावधान है। चूंकि इस सम्मान निधि के कानून एवं नियम का नाम लोकतंत्र सेनानी है इसलिये मप्र लोकतंत्र सेनानी संघ ने इस बजट हेड का नामकरण लोकनायक जयप्रकाश के स्थान पर लोकतंत्र सेनानी करने का आग्रह किया । नाम बदलने की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वीकृति दे दी। आम बजट में बजट मद लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि नाम हो गया है।
दो हजार से अधिक को मिल रही है सम्मान निधि :
करीब 1100 मीसाबंदियों और 900 दिवंगत मीसाबंदियों की धर्मपत्नियों को पेंशन दी जा रही है। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम भी शामिल है। उनका नाम सीहोर जिले में दर्ज है परन्तु भोपाल में निवास होने के कारण उन्हें भोपाल जिला प्रशासन से यह पेंशन मिल रही है।
- डॉ. नवीन जोशी

मीसाबंदियों के लिये बजट मद का नाम जयप्रकाश नारायण से लोकतंत्र सेनानी हुआ
Place:
Bhopal 👤By: prativad Views: 1368
Related News
Latest News
- भारत को हिंदुत्व पर गर्व है और हिंदुत्व ही राष्ट्रत्व है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- Škoda Kylaq ने एक वर्ष पूरा होने पर 50,000 बिक्री का आंकड़ा किया पार
- सार्वजनिक उड़ान के लिए तैयार है फ्रैक्टल एनालिटिक्स
- I4C क्या है और साइबर अपराध से लड़ाई में यह कितना असरदार साबित हुआ
- सेमिकॉन इंडिया को रफ्तार: 10 सेमीकंडक्टर परियोजनाएं मंजूर, आईटी सेक्टर की आय 283 अरब डॉलर तक पहुंची
- 2025 में भारत की अंतरिक्ष छलांग: लॉन्च सिस्टम से लेकर वैश्विक सहयोग तक इसरो की बड़ी उपलब्धियां
Latest Posts














