7 मई 2017, राज्य शासन ने उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित संस्कृत महाविद्यालयों के सहायक शिक्षकों एवं शिक्षकों को भी क्रमोन्नति योजना का लाभ प्रदान कर दिया है। पहले इसके दायरे में स्कूल शिक्षा, अजाजजा कल्याण तथा पंचायत विभाग के अंतर्गत आने वाले शिक्षक संवर्ग ही था पर अब तथा उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले संस्कृत महाविद्यालय के शिक्षकों को भी फायदा मिलेगा।
इस संबंध में जारी परिपत्र में सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि शिक्षक संवर्ग को वरिष्ठ वेतनमान के पश्चात यदि 12 वर्ष तक पदोन्नति नहीं प्राप्त होती थी तो उन्हें क्रमोन्नति योजना का लाभ दिया गया था। इसके अंतर्गत स्कूल, अजाजजा एवं पंचायत विभाग के सहायक शिक्षकों को 12 वर्ष उपरांत 5000-8000 रुपये तथा 24 वर्ष पश्चात 5500-9000 रुपये वेतनमान में क्रमोन्नति मिलेगी। इसी प्रकार, शिक्षकों को 12 वर्ष उपरांत 5500-9000 रुपये तथा 24 वर्ष उपरांत 6500-10500 रुपये का वेतनमान क्रमोन्नति के रुप में मिलेगा। व्याख्याताओं को 12 वर्ष उपरांत 6500-10500 रुपये तथा 24 वर्ष उपरांत 7500-12000 रुपये का वेतनमान क्रमोन्नति के रुप में स्वीकृत किया गया था।
इसी प्रकार अब संस्कृत महाविद्यालय के सहायक शिक्षकों कोभी 12 वर्ष उपरांत 5000-8000 रुपये एवं 24 वर्ष उपरांत 5500-9000 रुपये का क्रमोन्नत वेतनमान दिया जायेगा जबकि इसी महाविद्यालय के शिक्षकों को 12 वर्ष उपरांत 5000-8000 रुपये तथा 24 वर्ष उपरांत 6500-10500 रुपये का क्रमोन्नत वेतनमान दिया जायेगा। इस क्रमोन्नति योजना का लाभ 1 अगस्त 2003 से दिया जायेगा।
जीएडी के उप सचिव सीबी पडवार ने बताया कि शासन की क्रमोन्नति योजना से संस्कृत महाविद्यालय के सहायक शिक्षक एवं शिक्षक छूट गये थे। अब इनके बारे में पता चलने पर इन्हें भी इस योजना का लाभ प्रदान कर दिया गया है। उन्हें क्रमोन्नत वेतनमान का एरियर भी दिया जायेगा।
- डॉ नवीन जोशी
संस्कृत शिक्षकों को भी मिला क्रमोन्नति योजना का लाभ
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