31 मई 2017, अब प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्रियों को अपने प्रदेश एवं प्रदेश से बाहर दौरों के लिये किराये के विमान या हेलीकाप्टर प्राप्त करने के लिये इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार ने विमानन संचालनालय के आयुक्त को 18 साल पहले बने मप्र शासन द्वारा विमान/हेलीकाप्टर किराये पर लेने संबंधी नियम 1999 में संशोधन कर प्रदान कर दिये हैं।
पहले नियमों में प्रावधान था कि विमान या हेलीकाप्टर किराये पर लेने के लिये विभागीय मंत्री का अनुमोदन आवश्यक होगा। लेकिन अब उक्त वर्ग के लोगों के लिये विमानन आयुक्त बिना विभागीय मंत्री के अनुमोदन के सीधे विमान या हेलीकाप्टर किराये पर ले सकेंगे।
संशोधन नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि उक्त तीन वर्ग के लोगों के अलावा अन्य अतिविशिष्ट व्यक्तियों के लिये किराये का विमान या हेलीकाप्टर लेने के लिये बिना विभागीय मंत्री की पूर्वानुमति के किराये पर नहीं लिया जायेगा। यदि पूर्वानुमति लेना किसी कारण से संभव नहीं होगा तो इसके कारणों का स्पष्ट उल्लेख कर कार्योत्तर स्वीकृति ली जा सकेगी।
विमानन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नियमों का सरलीकरण किया गया है। इससे विमान या हेलीकाप्टर किराये पर लेने में विलम्ब नहीं होगा तथा एविएशन कंपनियों को किराये का भुगतान भी जल्द हो सकेगा।
- डॉ नवीन जोशी
राज्यपाल, सीएम व केन्द्रीय मंत्रियों को अब किराये के विमान का इंतजार नहीं करना पड़ेगा
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