29 जून 2017, प्रदेश में बिलडरों, प्रमोटर्स एवं रियल एस्टेट्स एजेण्ट्स की प्रचलित आवासीय एवं वाणिज्यिक योजनाओं का बिना पंजीयन के विज्ञापन, मार्केटिंग एवं बिक्री नहीं हो सकेगी। ऐसा किया जाता है तो यह रियल एसटेट कानून के तहत दण्डनीय अपराध होगा। ये निर्देश एमपी भू-संपादा विनियामक प्राधिकरण ने जारी कर दिये हैं।
निर्देश में प्राधिकरण यानी एमपी रेरा ने कहा है कि प्रचलित योजनाओं के बारे में भारत सरकार से स्पष्टीकरण पूछा गया था जिस पर अब भारत सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। इसके अनुसार, प्रचलित योजनायें जिनमें 30 अप्रैल 2017 तक सक्षम प्राधिकारी द्वारा पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया है, को 31 जुलाई 2017 तक एमपी रेरा में पंजीयन हेतु आवेदन प्रस्तुत करने का समय अवश्य दिया गया है किन्तु रियल एस्टेट कानून के तहत बिना पंजीयन के विज्ञापन, मार्केटिंग एवं बिक्री पर प्रतिबंध उन पर भी लागू होता है।
एमपी रेरा ने निर्देश में कहा है कि 31 जुलाई 2017 के पूर्व प्रचलित योजनाओं के पंजीयन हेतु आवेदन अवश्य प्रस्तुत करें। पंजीयन होने तक, भले ही योजनायें प्रचलन में हैं, उनमें किसी भी तरह का विज्ञापन, मार्केटिंग एवं बिक्री कार्य न करें। ऐसा करना रेरा अधिनियम के तहत दण्डनीय होगा।
रेरा के एक अधिकारी ने बताया कि रेरा एक्ट में कुछ किन्तु-परन्तु थे इसके लिये भारत सरकार से स्थिति स्पष्ट करने के लिये पूछा गया था तथा भारत सरकार ने अब स्थिति स्पष्ट कर दी है। इस स्पष्टीकरण के पहले जिन्होंने विज्ञापन, मार्केटिंग एवं बिक्री कर ली है उन पर कोई कार्यवाही नहीं होगी।
- डॉ नवीन जोशी
प्रचलित योजनाओं का बिना पंजीयन विज्ञापन, मार्केटिंग एवं बिक्री नहीं हो सकेगी, एमपी रेरा ने जारी किये निर्देश
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Bhopal 👤By: DD Views: 18212
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