11 अप्रैल 2018। प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में यदि कोई मरीज गंभीर एवं जटिल अवस्था में भर्ती है तथा उसका आपरेशन किसी भी समय उसी अस्पताल में संभावित है तो ऐसी स्थिति में आपरेश थियेटर संक्रमण मुक्त करने हेतु बंद नहीं किया जायेगा।
ये नवीनतम निर्देश स्वास्थ्य संचालनालय ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जन यह मुख्य अस्पताल अधीक्षकों को भेजे हैं। ज्ञातव्य है कि गत वर्ष अक्टूबर माह में मुरैना में डाक्टर की लापरवाही से सपना पति राककिशोर के नवाजात जुड़वा शिशुओं की मौत हो गई थी तथा इस पर राज्य मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुये जांच की थी और अनुशंसा की थी कि गंभीर मरीज के भर्ती रहने के दौरान आपरेशन थियेटर बंद न रखे जायें। इसी अनु शंसा के परिपालन में ये नवीन निर्देश जारी किये गये हैं।
उल्लेखनीय है कि शासकीय अस्पतालों में समय-समय पर आपरेश थियेटर को संक्रमण मुक्त करने के लिये उसका फयुमीगेशन किया जाता है तथा इस दौरान चौबीस घण्टे तक आपरेश थियेटर बंद रखा जाता है। ऐसे में यदि किसी मरीज को आपरेश की जरुरत होती है तो उसे फयुमीगेशन के चलते आपरेशन की सुविधा नहीं मिल पाती है।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि शासकीय अस्पतालों में आपरेश थियेटर को समय-समय पर संक्रमण मुक्त किया जाना भी जरुरी होता है। परन्तु इस दौरान गंभीर मरीजों को आपरेशन की सुविधा मिल सके इसलिये निर्देश जारी किये गये हैं कि इस दौरान आपरेश थियेटर बंद नहीं रखा जाये। वैसे भी क्वालिटी कण्ट्रोल के नये उपायों के तहत संक्रमणमुक्त करने की कार्यवाही की जाना चाहिये जिसमें मात्र दो घण्टे लगते हैं।
? डॉ नवीन जोशी
गंभीर मरीजों के भर्ती रहने के दौरान अब आपरेश थियेटर बंद नहीं होंगे
Place:
Bhopal 👤By: Admin Views: 2003
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