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दलित वोट बैंक को साधने अफसरों पर दांव

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Admin
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📍 Bhopal
दलित वोट बैंक को साधने अफसरों पर दांव
50 हजार लोगों को बस्ती प्रमुख बनाने पर जोर

9 मई 2018। प्रदेश में दलित वोट बैंक को लुभाने और साधने के लिए बीजेपी रिटायर्ड अफसरों पर दांव लगाएगी। प्लान के मुताबिक दलित हिंसा के बाद बीजेपी जमीनी स्तर पर दलितों में पैठ बनाने के लिए बस्ती प्रमुख तैयार कर रही है और ये जिम्मेदारी किसी नेता की बजाय रिटायर्ड अफसरों को दी जाएगी।



भाजपा अब दलित ओर आदिवासी वोटबेंक को साधने के लिये रिटायर अफसरों शिक्षकों और फौजियों का सहारा लेने जा रही है। ऐसे 50 हजार लोगों को भाजपा बस्ती प्रमुख बनाने जा रहा है। दरअसल भाजपा ने उत्तरप्रदेश में आरएसएस के बस्ती प्रमुख एजेंडे पर काम किया था जिसके तहत सरकारी रिटायर अफसरों को बस्ती प्रमुख बनाया गया था। वहां इस एजेंडे ने भरपूर नतीजे भी दिए थे। बीजेपी अब यही फॉर्मूला मध्यप्रदेश में भी लागू करने को तैयार हैं।



प्रदेश के 51 जिलों में दलित कमजोर बस्तियों में सामाजिक न्याय, आर्थिक सुरक्षा और अधिकारिता सुनिश्चित करने के लिए बस्ती प्रमुखों का मनोनयन किया जा रहा है। दरअसल 2 अप्रेल को हुई दलित आदिवासी हिंसा के बाद भाजपा सतर्क हो चुकी है।इसलिए इम रिटायर अफसरों के जरिये वो इन वर्गों को साधने की कोशिश में है। इन बस्ती प्रमुखों का राज्य स्तर में सम्मेलन आयोजित करने के पहले जिलों में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जायेगी। प्रशिक्षण पाने के बाद इन अफसरों को सरकार दलित आदिवासी सम्मेलन में रोल मॉडल बना के पेश करेगी।



प्रदेश में दलितों की संख्या - 1.16करोड़



विधानसभा सीटें - 35 सीट



भाजपा के पास 28 सीट।



प्रदेश में आदिवासी आबादी- 1.53 करोड़



विधानसभा सीटें- 47 सीट।



भाजपा के पास 32 सीट।



वहीं इन बस्ती प्रमुखों अपनी सीधी रिपोर्ट मंत्री लाल सिंह आर्य को देंगे।वहीं कांग्रेस मानती है कि भाजपा की इस रणनीति से कोंग्रेस को फायदा होगा।



2 अप्रेल को भारत बंद के दौरान हिंसा में देश भर में सबसे ज्यादा 9 मौतें मध्य प्रदेश में हुई।जिसके चलते भाजपा को दलित आदिवासी वोट बैंक में कांग्रेस की सेंध लगती दिखाई दे रही है।ऐसे में इन अफसरों को बस्ती प्रमुख बनाकर क्या भाजपा सरकार 2017 में हुआ यूपी का जादू दोहरा पाएगी या नही बड़ा सवाल है।



? डॉ. नवीन जोशी
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