12 मई 2018। खनन के पट्टों से निश्चित अंशदान के रुप में मिलने वाली राशि से अब जिला खनिज प्रतिष्ठान अपने क्षेत्र के गांवों में खनिज एवं राजस्व विभाग के प्रशासनिक तथा अन्य अधोसंरचना के निर्माण कार्य भी हो सकेंगे। इसके लिये राज्य सरकार ने मप्र जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम 2016 में संशोधन कर दिया है।
ज्ञातव्य है कि खनन से प्रभावित क्षेत्रों और उसके आसपास विकास कार्य कराने के लिये राज्य के सभी जिलों में खनिज प्रतिष्ठान जिला प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में बनाये गये हैं। इस प्रतिष्ठान में 12 जनवरी 2015 से पूर्व के खनिज पट्टाधारियों से उनके द्वारा देय रायल्टी का तीस प्रतिशत तथा 12 जनवरी 2015 के बाद स्वीकृत खनिज पट्टों के धारियों से देय रायल्टी का दस प्रतिशत जमा किये जाने का प्रावधान है।
जिला खनिज प्रतिष्ठान में जमा राशि का साठ प्रतिशत पेयजल प्रदाय, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, वृध्द एवं दिव्यांग कल्याण तथा कौशल विकास 8 स्वच्छता में व्यय किया जाना जरुरी है जबकि शेष चालीस प्रतिशत राशि का उपयोग सडक़-पुल, रेल्वे एवं जलमार्ग परियोजनाओं, सिंचाई, ऊर्जा, वाटर शेड विकास में करना जरुरी है। राज्य सरकार ने अब इसी चालीस प्रतिशत राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में खनिज एवं राजस्व विभाग के प्रशासनिक एवं अन्य अधोसंरचनात्मक निर्माण में किये जाने का नया प्रावधान किया है।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि नियमों में यह संशोधन मानीटरिंग परपज से किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में खनिज अधिकारियों के लिये प्रशासनिक भवन नहीं होते हैं तथा विकास कार्यों से राजस्व विभाग के पटवारी आदि भी जुड़े रहते हैं। इसीलिये यह नया प्रावधान किया गया है।
? डॉ नवीन जोशी
खनिज प्रतिष्ठान निधि से अब गांवों में प्रशासनिक भवन भी बनेंगे
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Bhopal 👤By: Admin Views: 1870
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