28 मई 2018। प्रदेश के पन्ना जिले में 17 वीं शताब्दी के चार प्राचाीन मकबरे राज्य संरक्षित होंगे। इसके लिये संस्कृति विभाग ने प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल अवशेष एक्ट 1964 के तहत अपने आशय की अधिसूचना जारी कर दी है। आगामी 20 जून के बाद ये विधिवत रुप से राज्य पुरातत्व कार्यालय के अधीन आ जायेंगे तथा इनको कोई भी विनष्ट, क्षतिग्रस्त, परिवर्तन, विरुपित, हटाने व तितर-बितर नहीं कर सकेगा।
इनमें दो मकबरे पन्ना के सर्किट हाऊस के पास स्थित हैं जबकि शेष दो मकबरे पन्ना के छत्रसाल पार्क में स्थित हैं। बुंदेलवंश के इन मकबरों में मुगलकालीन नक्काशी की गई है। वैसे ये चारों मकबरे हिन्दूवंश के हैं। तालाब किनारे स्थित इन चारों मकबरों के संरक्षण हेतु वर्ष 2015-16 में पन्ना जिला प्रशासन ने राज्य पुरातत्व कार्यालय को 38 लाख 36 हजार 066 रुपये उपलब्ध कराये थे जिसका उपयोग इन मकबरों तक पहूंच मार्ग बनाने, इनके गुम्बदों एवं स्तंभों को मजबूत करने आदि में किया गया। अभी भी इनके संरक्षण हेतु और राशि व्यय करने की जरुरत है जिसके लिये अब इन्हें पुरातत्व कार्यालय को सौंपा जा रहा है।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि पन्ना के ये चारों प्राचीन मकबरे राष्ट्रीय धरोहर हैं तथा ये जीर्णशीर्ण हो रहे हैं। इसीलिये अब इनके संरक्षण का दायित्व पुरातत्व कार्यालय ले रहा है जिसके लिये अधिसूचना जारी की गई है।
? डॉ नवीन जोशी
पन्ना के चार मकबरे संरक्षित होंगे
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Bhopal 👤By: Admin Views: 1861
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