17 नवंबर 2018। प्रदेश सरकार का परिवहन विभाग अब मोटरयान विभाग के नाम से भी जाना जायेगा। इसके लिये राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत बने मप्र मोटरयान नियम 1994 में संशोधन कर दिया है।
संशोधित नियम में कहा गया है कि मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 213 के अर्थ के अंतर्गत मोटरयान विभाग, मप्र सरकार का परिवहन विभाग होगा। परिवहन आयुक्त मप्र के रुप में पदाभिहित अधिकारी विभाग का सम्पूर्ण रुप से प्रभारी तथा नियंत्रक होगा तथा राज्य सरकार के सामान्य तथा विनिर्दिष्ट दिशा-निर्देश के अध्यधीन होगा। मोटरयान अधिनियम की धारा 213 के निबंधनों के अनुसार ये अधिकारी मोटरयान विभाग के अधिकारी समझे जायेंगे यथा परिवहन आयुक्त, सचिव राज्य परिवहन प्राधिकारी, उप परिवहन अधिकारी, सहायक परिवहन आयुक्त, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, अपर प्रादेशिक परिवहन प्राधिकारी, सहायक प्रादेशिक परिवहन प्राधिकारी, परिवहन निरीक्षक, मोटरयान परिवहन निरीक्षक, परिवहन उपनिरीक्षक, मोटरयान परिवहन उप निरीक्षक, सहायक परिवहन उप निरीक्षक, परिवहन प्रधान आरक्षक तथा परिवहन आरक्षक।
नये संशोधन में कहा गया है कि निम्न वर्ग के अधिकारी उच्चतर वर्ग के अधिकारियों के अधीनस्थ होंगे। परिवहन निरीक्षक व मोटरयान परिवहन निरीक्षक और उससे नीचे के सभी अधिकारी यानि परिवहन आरक्षक तक मप्र परिवहन विभाग अधीनस्थ तृतीय श्रेणी कार्यपालिक सेवा से संबंधित होंगे। इन नये संशोधनों को भूतलक्षी प्रभाव से यानि 6 जुलाई 2011 से लागू किया गया है।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार के मोटरयान अधिनियम 1988 में प्रत्येक राज्य में मोटरयान विभाग होने का उल्लेख है। इसीलिये कानूनी अड़चनों से मुक्ति के लिये मोटरयान विभाग नामकरण किया गया है। लेकिन असल नाम परिवहन विभाग ही रहेगा। परिवहन विभाग का नाम बदलने के लिये बिजनेस रुल्स में बदलाव करना पड़ता। इसी कारण से नियमों में संशोधन का सहारा लेकर मोटरयान विभाग नाम किया गया है।
- डॉ. नवीन जोशी
अब प्रदेश का परिवहन विभाग मोटरयान विभाग के नाम से भी जाना जायेगा
Place:
Bhopal 👤By: डिजिटल डेस्क Views: 1847
Related News
Latest News
- MP-CERT ने एमपी सरकार की वेबसाइटों पर बड़ा साइबर हमला नाकाम किया
- भारत कंबाइंड रॉकेट–मिसाइल फोर्स के गठन पर विचार कर रहा है: सेना प्रमुख
- डबल इंजन सरकार से मध्यप्रदेश में विकास को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना लागू- 322 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति
- खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य आगाज़, खिलाड़ियों को मिलेंगी करोड़ों की सुविधाएँ: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- ‘क्या तुम ज़िंदा हो?’ ऐप चीन में बना टॉप ट्रेंड, सामाजिक बेचैनी का डिजिटल संकेत














