13 दिसंबर 2018। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र खुले में शौचमुक्त यानि ओडीएफ अर्थात ओपन डिफेक्शन फ्री होने के बाद अब सालिड एंड लिक्विड वेस्ट मेनेजमेंट सिस्टम से भी जुड़ेगे। इसके लिये राज्य सरकार द्वारा निजी एजेनिसयों से एक्सप्रेशन आफ इन्ट्रेस्ट मांगा गया है।
ज्ञातव्य है कि भारत सरकार ने अक्टूबर 2014 में स्वच्छ भारत मिशन प्रारंभ किया है। इसकाउद्देश्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता में सुधार, स्वस्थ वातावरण एवं जीवन में सामान्य गुणवत्ता लाना है। 72 प्रतिशत ग्रामीण आबादी वाले मप्र राज्य में भी इस मिशन ने कार्य किया तथा गत 2 अक्टूबर 2018 को प्रदेश के सभी 51 जिलों में खुले में शौच से मुक्ति का शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया।
इसके बाद अब अगला कदम यह उठाया गया है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के निर्मित शौचालयों से निकलने वाले ठोस एवं द्रव्य अपशिष्ट का प्रबंधन किया जाये जिससे ये ग्राम निरन्तर स्वच्छ बने रहें तथा गंदगी व्याप्त न रहे। इसके लिये सालिड एण्ड लिक्विड वेस्ट मेनेजमेंट बनाया गया है जिसके तहत ठोस एवं द्रव्य अपशिष्ट का वैज्ञानिक और प्रभावी ढंग से कलेक्शन, ट्रांसपोर्टेशन, प्रोसेसिंग, रीसायक्लिंग, ट्रीटमेंट और डिस्पोजल किया जायेगा।
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सालिड एण्ड लिक्विड वेस्ट मेनेजमेंट करने के लिये राज्य सरकार ने निजी एजेन्सियों से 24 दिसम्बर तक एक्सप्रेशन आफ इन्ट्रेस्ट मांगा गया है। इसमें चयनित एजेन्सी को तीन माह के अंदर डीपीआर बनाना होगी।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब मप्र के ग्रामों में सालिड एण्ड लिक्विड वेस्ट मेनेजमेंट किया जाना है जिसके लिये निजी एजेन्सियों से एक्सप्रेशन आफ इन्ट्रेस्ट मांगा गया है। राज्य में 313 विकासखण्ड हैं तथा प्रत्येक विकासखण्ड में ग्रामों का एक क्लस्टर बनाकर यह मेनेजमेंट किया जायेगा।
- डॉ. नवीन जोशी
खुले में शौचमुक्त होने के बाद अब ग्रामों में होगा वेस्ट मेनेजमेंट सिस्टम
Place:
Bhopal 👤By: Digital Desk Views: 1885
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