🔴 TRENDING NOW!
पहली गैर-जीएमओ हाइब्रिड बीज किस्मों के शुभारंभ के साथ भारत ने पॉपकॉर्न मक्का खेती में रचा नया कीर्तिमान एक तरफ सीएम डॉ. मोहन का समृद्धि पर जोर, दूसरी तरफ विद्वानों ने बताया कैसे बनाएंगे MP को नंबर-1 दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे सीएम डॉ. मोहन, की अतिवृष्टि-राहत कार्यों की समीक्षा, जानें क्या दिए निर्देश? क्या संजय लीला भंसाली की अगली फिल्म में धनुष के साथ करीना कपूर आएंगी? एस. मित्रन ने दी बड़ी जानकारी भोपाल डिजिटल तरीके से डिजिटल वित्तीय सशक्तिकरण में भारत में सबसे आगे: होम क्रेडिट इंडिया ग्रेट इंडिया वॉलट स्टडी 2026 कंगना रनौत ने Gen Z को 'जेनरेशन गटर' कहने के बाद खुद को बताया Gen Alpha, बोलीं: सीधे मुद्दे की बात करो 'स्पिरिट' विवाद में नया दावा: दीपिका पादुकोण को पूरी कहानी कभी सुनाई ही नहीं गई? 44 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा पीने का पानी, इसलिए परिवारों के करीब जाकर समझें परेशानी सीएम डॉ. मोहन का मास्टर स्ट्रोक, फिर शुरू होगी कैलारस शुगर मिल, जानें कब खुलेंगे टेंडर? "सजग मन ही सफलता की कुंजी है", स्वामी मित्रानंद सरस्वती ने आरएनटीयू में छात्रों से किया संवाद, बताए मेडिटेशन के फायदे

अब जल संसाधन विभाग पर्यावरण अनुकूल पाईप खरीदेगा

👤
Admin
👁 1992 व्यूज
📍 Bhopal
अब जल संसाधन विभाग पर्यावरण अनुकूल पाईप खरीदेगा
5 जनवरी 2019। राज्य का जल संसाधन विभाग माईक्रो इरीगेशन प्रोजेक्ट्स में पानी लेने के लिये पर्यावरण अनुकूल पाईप खरीदेगा। इसके लिये पाईप निर्माता कंपनी से प्रमाण-पत्र भी लिया जायेगा कि उसने पर्यावरण अनुकूल पाईपों का निर्माण किया है।



इसके लिये राज्य शासन ने स्डेण्डर्ड जारी किया है। ये पाईप सौ प्रतिशत वर्जिन पीई हण्ड्रेड और आईएस 4984 मानक के होंगे। इन पाईपों को एचडीपीई यानि हाई डेन्सिटी पालीथिलिन पाईप्स कहा जाता है। अब इन्हीं पाईपों से वाटर सप्लाय की जायेगी। इसके लिये प्रक्रिया यह रहेगी कि पाईप निर्माता कंपनी इन पाईपों के निर्माण हेतु कच्चा माल देने वाली कंपनी से यह प्रमाण-पत्र लेगा कि उसने अपेक्षित गुणवत्ता वाली सामग्री प्रदाय की है। पाईप निर्माता कंपनी पाईप के निर्माण में यह देखेगी कि उसमें टाक्सिक हेजार्ड यानि विषाक्तता का खतरा तो नहीं हैं। साथ ही वह देखेगी कि पाईप में माइक्रोबल ग्रोथ तो नहीं है। साथ ही पाईप में प्रतिकूल स्वाद या बदबू तो नहीं है और पाईप पानी के रंग को बदलता तो नहीं है।



राज्य शासन ने अब अपने सभी माईक्रो इरीगेशन टेण्डर्स में उक्त प्रकार के पाईपों की सप्लाय अनिवार्य कर दी है। पाईप निर्माता कंपनी के लिये एक सेल्फ डिक्लेयरलेशन फार्म भी दिया गया है जिसे उन्हें पाईप के प्रदाय के समय जल संसाधन विभाग को देना होगी कि उसने अपेक्षित गुणवत्ता के पाईप प्रदाय किये हैं। तभी उसे भुगतान किया जायेगा।



विभागीय अधिकारी ने बताया कि माईक्रो इरीगेशन प्रोजेक्ट्स में अब पर्यावरण अनुकूल पाईप लिये जायेंगे। टेण्डर की शर्तों में भी यह शामिल रहेगा। इससे अच्छी गुणवत्ता के पाईप मिल सकेंगे।





- डॉ. नवीन जोशी
Tags :