18 जनवरी 2019। राज्य के जल संसाधन विभाग के अंतर्गत बांधों और जलाशयों से नहरों के द्वारा सिंचाई हेतु पानी लेने के लिये गठित कुल 2045 जल उपभोक्ता संथाओं में से 1765 संथाओं के अध्यक्ष निष्प्रभावी कर दिये गये हैं और अध्यक्ष पद का प्रभार प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
दरअसल उक्त 1765 संथाओं के सदस्यों एवं अध्यक्षों के चुनाव हेतु चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी परन्तु विधानसभा आम चुनाव होने के कारण यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई। इस बीच गत 3 जनवरी को इन संथाओं के अध्यक्षों का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। इस पर राज्य शासन ने आदेश जारी कर कहा है कि नये चुनाव होने तक निर्वत्तमान अध्यक्षों द्वारा जल उपभोक्ता संथाओं से संबंधित काई कार्य अब मान्य नहीं किया जायेगा। यानि अब ये पदमुक्त कर दिये गये हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जल उपभोक्ता संथाओं से हर दो साल में एक तिहाई सदस्य रिटायर किये जाते हैं जैसा कि राज्यसभा में होता है। इन्हीं 1765 संथाओं के अध्यक्षों का कार्यकाल खत्म होने से अब ये अध्यक्ष बगैर अधिकार के हो हो गये हैं तथा अब इन संथाओं का प्रभार जल संसाधन विभाग के एसडीओ सम्हालेंगे जिससे नहरों से सिंचाई हेतु पानी लेने एवं उसका प्रभार वसूलने का कार्य प्रभावित न हो। चूंकि कुछ माह बाद लोकसभा के भी आम चुनव होने वाले हैं, इसलिये इन संथाओं के चुनाव अब लोकसभा चुनावों के बाद ही होंगे।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि 1765 जल उपभोक्ता संथाओं की चुनाव प्रक्रिया विधानसभा चुनावों के कारण पूरी नहीं हो पाई है और अब इनके अध्यक्षों का कार्यकाल भी खत्म हो गया है। इसलिये इन संथाओं के अध्यक्ष पद का प्रभार प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया है।
- डॉ. नवीन जोशी
प्रदेश की 1765 जल उपभोक्ता संथाओं के अध्यक्ष पद का प्रभार अधिकारियों को सौंपा
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Bhopal 👤By: DD Views: 1534
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