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प्रदेश के मेडिकल कालेजों में अब आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग को मिलेगा दस प्रतिशत आरक्षण

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DD
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📍 Bhopal
प्रदेश के मेडिकल कालेजों में अब आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग को मिलेगा दस प्रतिशत आरक्षण
राज्य शासन ने नियमों में किया प्रावधान

1 जुलाई 2019। मध्यदेश के मेडिकल एवं डेन्टल कालेजों में अब आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को दस प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इस संबंध में राज्य शासन ने नियमों में संशोधन कर नया प्रावधान कर दिया है। यह नया प्रावधान आज जारी कर दिया गया है।

अब मेडिकल और डेंटल कालेजों में अब एसीसी वर्ग को 16, एसटी वर्ग को 20, ओबीसी वर्ग को 14 तथा आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को प्रवेश में 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। अन्य नये प्रावधानों के तहत अब मेडिकल और डेन्टल कालेजों में प्रवेश की काउन्सिलिंग में प्रथम चक्र से प्रवेशित अभ्यर्थियों को छोडक़र अन्य पात्र अभ्यर्थी जो स्नातक पाठ्यक्रम हेतु अपेक्षित चक्र में सम्मिलित होना चाहते हैं तो अनराक्षित श्रेणी को दस हजार रुपये एवं आरक्षित श्रेणी को 5 हजार रुपये शासकीय कालेज हेतु और निजी कालेज हेतु समस्त श्रेणी के अभ्यर्थियों को एक लाख रुपये अग्रिम शुल्क के रुप में आनलाईन जमा कराने होंगे। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में अनारक्षित श्रेणी को 25 हजार रुपये एवं आरक्षित श्रेणी को 12500 रुपये शासकीय कालेज हेतु और निजी कालेज हेतु समस्त श्रेणी के अभ्यर्थियों को 2 लाख रुपये अग्रिम शुल्क के रुप में आनलाईन जमा कराने होंगे।



इसी प्रकार, अब यदि कोई अभ्यर्थी अपनी सीट का त्याग करता है तो शासकीय कालेज के मामले में उसे 30 लाख रुपये और निजी कालेज के मामले में पाठ्यक्रम की संपूर्ण अवधि का शैक्षणिक शुल्क चुकाना होगा। अब निजी कालेजों में एनआरआई का कोटा 15 प्रतिशत रहेगा।

विभागीय अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के मेडिकल और डेन्टल कालेजों में प्रवेश में के लिये चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर तकनीकी शिक्षा विभाग ने मप्र निजी व्यवसायिक प्रवेश का विनियमन एवं शुल्क का निर्धारण अधिनियम 2007 के तहत 9 मार्च 2018 को मप्र चिकित्सा शिक्षा प्रवेश नियम जारी किये थे। अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर ही हमने इन नियमों में संशोधन जारी किया है जिसमें आथिक रुप से कमजार वर्ग के विद्यार्थियों को दस प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया है।





? डॉ.नवीन जोशी
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