प्रवर समिति गठित हुई
कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह बनाये गये सभापति
25 सितंबर 2019। मप्र विधानसभा के अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने मॉब लिंचिंग रोकने के संबंध में सदन में गत गत 17 जुलाई को प्रस्तुत तथा 24 जुलाई को सदन में चर्चा में आये मप्र गौंवंश वध प्रतिषेध संशोधन विधेयक 2019 को पक्ष एवं विपक्ष के संयुक्त आग्रह पर इस विधेयक पर संपूर्ण रुप से विचार करने के लिये उसे प्रवर समिति गठित कर सौंप दिया है। इस प्रवर समिति के सभापति कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह बनाये गये हैं।
इस नवगठित प्रवर समिति में सात विधायक बिसाहूलाल सिंह, अजय विश्नोई, भूपेन्द्र सिंह, राजवर्धन सिंह, दिलीप सिंह गुर्जर, श्रीमती झूमा सोलंकी तथा रामेश्वर शर्मा और दो मंत्रियों लाखन सिंह यादव एवं पीसी शर्मा को सदस्य बनाया गया है। यह समिति इस विधेयक पर विचार कर कब तक अपनी रिपोर्ट देगी इसका समिति के गठन के आदेश में कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
यह है मामला :
पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने गायों को मारने के लिये उनका परिवहन करने वाले लोगों को मॉब लिंचिंग से बचाने के लिये मप्र गौवंश वध प्रतिषेध संशोधन विधेयक 17 जुलाई को विधानसभा में प्रस्तुत किया था तथा इस पर 24 जुलाई को विधानसभा में चर्चा हुई। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने चर्चा के दौरान इस विधेयक का यह कहकर विरोध किया कि इसमें गायों का परिवहन करने वाले लोगों के लिये परमिट लेना अनिवार्य नहीं किया गया है तथा जो गायों का परिवहन करने वालों को राकेगा और उन्हें हानि हानि पहुंचायेगा उन्हें सजा एवं जुर्माना देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने यह भी केहा कि मॉब लिंचिंग रोकने के लिये जरुर यह विधेयक लाया गया है परन्तु मॉब लिंचिंग बच्चा चोरी करने, मोर के मरने पर आदि हो रही है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि मॉब लिंचिंग पर पृथक कानून बनाया जाये। भाजपा के शिवराज सिंह चौहान, भूपेन्द्र सिंह और रामेश्वर शर्मा ने मुख्य रुप से इस विधेयक का विरोध किया था और विधेयक को प्रवर समिति को सौंपने का आग्रह किया था। इस पर मुख्यमंत्री कमलनाथ तैयार हो गये थे और उन्होंने भी इस विधेयक को प्रवर समिति को सौंपने की बात स्वीकार कर ली थी। पक्ष एवं विपक्ष के इस निर्णय पर डेढ़ माह बाद स्पीकर एनपी प्रजापति ने अब विधायक लक्ष्मण सिंह के सभापतित्व में प्रवर समिति गठित कर दी है।
विधानसभा सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि गौवंश वध प्रतिषेध संशोधन विधेयक विधानसभा में पारित होने के बजाये प्रवर समिति को विचार के लिये सौंपा गया है। यह प्रवर समिति गठित कर दी गई है तथा सभापति को पत्र जारी कहा गया है कि वे समिति की बैठक की तिथि बतायें। समिति पर ही निर्भर रहता है कि वह कब तक इस विधेयक पर विचार कर अपनी रिपोर्ट दे।
डॉ. नवीन जोशी
मॉब लिंचिंग रोकने लाये गौवंश वध प्रतिषेध विधेयक ..
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 1337
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