सायबर अपराधी हमारी तीन गलतियों की वजह से फलफूल रहे हैं। पहली हमारे डिजिटल उपकरणों जैसे मोबाइल फोन, लेपटॉप व टेबलेट आदि का एंटी वायरस सुरक्षित न किया जाना। दूसरा अपनी व्यक्तिगत जानकारियों को सोशल मीडिया व अन्य साइटों पर डालना तथा तीसरे बिना सोचे समझे अंजान व्यक्तियों को जानकारी उपलब्ध कराना। यही असावधानियां फिशिंग अटैक, स्पूफिंग तथा हैकिंग के काम आती हैं।
उक्त जानकारी सायबर सुरक्षा विशेषज्ञ आशीष चतुर्वेदी ने इंटरनेट व मोबाइल बैंकिंग सिस्टम से जुड़े सुरक्षा पहलुओं के बारे में आयोजित एक कार्यशाला में दी। भोपाल मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन अनंत स्पिनिंग मिल्स परिसर में किया गया जिसमें विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशला का उदघाटन एस पाल, निदेषक, वर्धमान टेक्सटाइलस लिमिटेड किया।
श्री चतुर्वेदी ने केपीएमजी संस्था के हवाले से बताया कि बीते साल वित्तीय सेवा कंपनियों के साथ साथ फार्मास्युटिकल्स कंपनियां सायबर अपराधियों के सबसे पसंदीदा टारगेट थे। मेलवेयर सॉफटवेयर के जरिए सायबर अपराधी व्यक्तियों तथा कंपनियों के कम्प्यूटरों में घुसकर पासवर्ड व डाटा चुराकर चपत लगा देते हैं। ऐसे में हमें बहुत सावधान रहने की जरूरत है तथा जितना संभव हो सके अपनी जानकारियों को सुरक्षित रखकर अपने साथ होने वाले धोखे से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में भोपाल मेनेजमेंट एसोसिएशन के सचिव विष्वास घूषे ने साइबर सुरक्षा वक्त की जरुरत बताया और इसकी जागरुकता के लिए विभिन्न संस्थानों द्वारा एसी कार्यषाला आयोजित करने पर जोर दिया। एस पाल, निदेषक, वर्धमान टेक्सटाइलस लिमिटेड ने भी भोपाल मेनेजमेंट एसोसिएशन को इस तरह के कार्यक्रम करने पर धन्यवाद दिया। कार्यषाला में बी.एम.ए के सह अध्यक्ष जी के छिब्बर, राजेष तिवारी, संयुक्त संचालक डी एम नेमा, के नागाराजन, एन के छिब्बर विशेष रुप से उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संयोजन बी.एम.ए के सह अध्यक्ष राजेश तिवारी, संचालन स्व अनुभा जैन एंव आभार प्रदर्षन विष्णु खन्ना ने किया।















