5 अप्रैल 2026। AIIMS Bhopal दंत चिकित्सा और जबड़े की जांच में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। Indian Council of Medical Research के ‘फर्स्ट इन वर्ल्ड चैलेंज’ के तहत यहां एक हाईटेक हेलमेट विकसित किया जा रहा है, जिसे पहनते ही मरीज के दांतों और जबड़े का 3D एक्स-रे तैयार हो जाएगा।
यह प्रोजेक्ट अपनी तरह का दुनिया का पहला प्रयास माना जा रहा है, जिसमें Artificial Intelligence और आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क का इस्तेमाल कर बेहद सटीक डायग्नोसिस संभव होगा। मरीज को सिर्फ हेलमेट पहनना होगा और कुछ ही समय में जबड़े की पूरी आंतरिक संरचना की थ्रीडी रिपोर्ट मिल जाएगी।
इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व ट्रॉमा और इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर Dr. B. L. Lal Soni कर रहे हैं। उनके मुताबिक, यह तकनीक पारंपरिक एक्स-रे की तुलना में ज्यादा स्पष्ट और विस्तृत जानकारी देगी, जिससे इलाज की सटीकता भी बढ़ेगी।
खासतौर पर मैक्सिलोफेशियल यानी चेहरे और जबड़े से जुड़ी जटिल चोटों और सर्जरी में यह तकनीक गेमचेंजर साबित हो सकती है। इससे जांच तेज होगी, जोखिम कम होगा और डॉक्टरों को बेहतर फैसले लेने में मदद मिलेगी।
सफल परीक्षण के बाद यह हेलमेट आधारित 3D एक्स-रे तकनीक दंत चिकित्सा और सर्जरी के क्षेत्र में डायग्नोसिस का तरीका पूरी तरह बदल सकती है। सीधे शब्दों में कहें तो भविष्य में एक्स-रे मशीन के सामने खड़े होने की जरूरत कम हो सकती है, और एक हेलमेट ही पूरा काम कर देगा।















