4 मई 2026। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव संकेत दिया है। शुरुआती रुझानों से आगे बढ़ते हुए अब तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है—भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में पूर्ण बहुमत की ओर बढ़ रही है और पहली बार सरकार बनाने के करीब है।
सोमवार शाम तक के अपडेट के अनुसार BJP 190 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) 100 सीटों के भीतर सिमटती दिख रही है। अगर यह रुझान नतीजों में बदलता है, तो बंगाल की सत्ता में बड़ा उलटफेर तय माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश में भी दिखा असर
बंगाल की इस सियासी हलचल की गूंज सैकड़ों किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश में भी सुनाई दी। राजधानी भोपाल में BJP कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर ‘झालमुड़ी’ बांटकर जश्न मनाया। बंगाल के इस लोकप्रिय स्ट्रीट फूड के जरिए कार्यकर्ताओं ने जीत को “बंगाली अंदाज” में सेलिब्रेट किया।
जबलपुर में भी इसी तरह का माहौल रहा। शहर BJP अध्यक्ष अभिलाष पांडे खुद झालमुड़ी बनाते नजर आए और कार्यकर्ताओं के बीच बांटते दिखे। यह दृश्य राजनीतिक जश्न के साथ सांस्कृतिक प्रतीकवाद भी दिखा रहा था।
इंदौर में पार्टी कार्यालय पर मिठाइयों की धूम रही। रसगुल्ले और अन्य बंगाली मिठाइयों के साथ कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े, ढोल-नगाड़ों पर नाचे और जीत का उत्सव मनाया। इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने भी इस मौके की तस्वीरें साझा कीं, जिनमें कार्यकर्ताओं का उत्साह साफ दिखा।
‘झालमुड़ी’ से जुड़ी चुनावी याद
दिलचस्प बात यह है कि इस चुनाव में ‘झालमुड़ी’ सिर्फ जश्न का हिस्सा नहीं, बल्कि चुनावी प्रतीक भी बन गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रचार के दौरान झाड़ग्राम में एक सड़क किनारे दुकान पर रुककर झालमुड़ी खाई थी, जो बाद में चर्चा का विषय बन गया।
BJP की रणनीति और बड़ा बदलाव
इस चुनाव में BJP ने “भोये नाई, भरोसा” जैसे नारों के साथ आक्रामक अभियान चलाया। पार्टी ने कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और राजनीतिक हिंसा जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बड़ी रैलियां कीं, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लंबे समय तक बंगाल में रहकर बूथ स्तर तक रणनीति को मजबूत किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ताओं ने भी जमीनी स्तर पर व्यापक संपर्क अभियान चलाया।
आगे क्या?
अगर अंतिम नतीजे रुझानों के अनुरूप रहते हैं, तो बंगाल में BJP की सरकार बनना तय है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी किस चेहरे पर दांव लगाती है और क्या यह जीत राष्ट्रीय राजनीति के समीकरणों को भी प्रभावित करेगी।
फिलहाल, भोपाल से इंदौर तक जश्न जारी है—और झालमुड़ी से लेकर रसगुल्ले तक, राजनीति का स्वाद भी थोड़ा बदलता हुआ नजर आ रहा है।















