8 मई 2026। भोपाल में सोशल मीडिया पर अब भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा-163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि धार्मिक, जातीय, सामाजिक या सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने वाली किसी भी सामग्री पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जारी आदेश के अनुसार फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर), टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ पोस्ट, फोटो, वीडियो, ऑडियो या मैसेज अपलोड करना अपराध माना जाएगा। इतना ही नहीं, ऐसे कंटेंट को लाइक, शेयर, कमेंट या फॉरवर्ड करने वालों को भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि सोशल मीडिया ग्रुप के एडमिन भी जिम्मेदारी से नहीं बच सकेंगे। यदि किसी ग्रुप में आपत्तिजनक या उन्माद फैलाने वाली सामग्री प्रसारित होती है और एडमिन उसे रोकने या हटाने में लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि कई बार अफवाहें और भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया के जरिए तेजी से फैलकर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ देती हैं। इसी को देखते हुए साइबर सेल और इंटेलिजेंस यूनिट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध पोस्ट करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट, भड़काऊ या विवादित सामग्री को बिना जांचे-परखे शेयर न करें। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि “सोशल मीडिया पर एक क्लिक भी आपको कानूनी मुश्किल में डाल सकता है।”
आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। राजधानी में आगामी त्योहारों, सामाजिक आयोजनों और संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है।















