🔴 TRENDING NOW!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत के सरकारी और रक्षा संस्थानों पर साइबर खतरा, APT36 के नए Malware अभियान से अलर्ट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री BRICS समिट से पहले बम धमकियों में 5 लाख Gmail अकाउंट्स का इस्तेमाल, Google से जवाब मांगेगा भारत एआई के दौर में मौलिक अभिव्यक्ति और भाषाई संवेदना को बचाए रखना जरूरी : प्रो. संजय द्विवेदी सीएम डॉ. मोहन यादव ने कई अहम फैसलों पर लगाई मुहर, 42 हजार 490 करोड़ रुपये से होगा राज्य का विकास अमेरिका ने माना, अंतरिक्ष में तैनात हैं उसके स्पेस हथियार गौरवशाली-प्राचीन स्थापत्य आज भी नये प्रयोग की प्रेरणा देती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रज्ज्वलित विकास के दीपक का प्रकाश देशभर में फैल रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमेरिकी खुफिया एजेंसी NSA का बड़ा प्लान, AI और चीन पर रहेगा खास फोकस

आचार संहिता के दौरान कई कार्यशालायें करा ली वन विभाग ने

👤
prativad
👁 1070 व्यूज
📍 भोपाल
आचार संहिता के दौरान कई कार्यशालायें करा ली वन विभाग ने
26 नवंबर 2023। राज्य के वन विभाग ने आचार संहिता के दौरान कई कार्यशालायें करा ली हैं। इन कार्यशालाओं में किसी राजनेता को नहीं बुलाया गया परन्तु प्रशिक्षण एवं प्रबोधन के लिये फारेंस्ट अफसरों एवं विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया। वैसे आचार संहिता 9 अक्टूबर से लागू हुई और इसके पहले भोपाल की प्रशासन अकादमी में लघु वनोपज संघ ने नेशनल महुआ कान्क्लेव 30 सितम्बर को कराया और उसके बाद 6 अक्टूबर को डिण्डौरी में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को उपहार बांटे गये एवं 1 से 7 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय वन्यप्रााी सप्ताह का आयोजन किया लेकिन आचार संहिता लागू होने के बाद वन विभाग ने 16 से 18 अक्टूबर तक भोपल में वन्यप्राणी चिकित्सकों के लिये तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आये 36 वन्यप्राणी चिकित्सकों एवं 17 वेटेरियन्स ने भाग लिया और कार्यशाला का विषय अप्रोचेस एण्ड एडवांसमेंट इन एक्स-सिटू मेनेजमेंट आफ वाईल्ड एनिमल्स रखा गया। इसके बाद 26 अक्टूबर को भोपाल के वन भवन में मानव हाथी सह अस्तित्व विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें देश के प्रमुख वैज्ञानिकों, विभाग के फील्ड डायरेक्टरों एवं एनजीओ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 16 अक्टूबर को बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व के ताला में यूएस एड वित्त पोषित मानव-वन्यप्राणी द्वन्द को कम करने पर कार्यशाला हुई। इसके बाद वन भवन मुख्यालय भोपाल में नीम विषय पर कार्यशाला एवं टाईगर रिजर्व मेनेजमेंट पर भी कार्यशाला हुई। इन कार्यशालाओं के आयोजन के लिये वन विभाग ने अपने बजट से काफी धन राशि व्यय की और कार्यशालाओं में भाग लेने वाले प्रतितभागियों को मोमेंटों भी बांटे एवं लंच भी दिया गया।

- डॉ. नवीन जोशी




Join WhatsApp Channel



Madhya Pradesh, News, MP Breaking, Hindi Samachar, prativad.com

Tags :