🔴 TRENDING NOW!
BRICS समिट से पहले बम धमकियों में 5 लाख Gmail अकाउंट्स का इस्तेमाल, Google से जवाब मांगेगा भारत एआई के दौर में मौलिक अभिव्यक्ति और भाषाई संवेदना को बचाए रखना जरूरी : प्रो. संजय द्विवेदी सीएम डॉ. मोहन यादव ने कई अहम फैसलों पर लगाई मुहर, 42 हजार 490 करोड़ रुपये से होगा राज्य का विकास अमेरिका ने माना, अंतरिक्ष में तैनात हैं उसके स्पेस हथियार गौरवशाली-प्राचीन स्थापत्य आज भी नये प्रयोग की प्रेरणा देती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रज्ज्वलित विकास के दीपक का प्रकाश देशभर में फैल रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमेरिकी खुफिया एजेंसी NSA का बड़ा प्लान, AI और चीन पर रहेगा खास फोकस मेटा और टिकटॉक को बड़ा झटका, सोशल मीडिया की लत से जुड़े 3,000 से ज्यादा मुकदमे आगे बढ़ेंगे BRICS में दुनिया की बढ़ती दिलचस्पी, पुतिन बोले: स्वतंत्र रास्ता बना रहा आकर्षण AI से स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तक: शी जिनपिंग ने BRICS सहयोग बढ़ाने के लिए पेश कीं 5 बड़ी पहल

सांची स्तूप में संजोकर रखे गए पवित्र अवशेषों को देखने पहुंचें बौद्ध अनुयायी

👤
prativad
👁 1131 व्यूज
📍 भोपाल
सांची स्तूप में संजोकर रखे गए पवित्र अवशेषों को देखने पहुंचें बौद्ध अनुयायी
बुद्धभूमि भारत पैवेलियन में भगवान बुद्ध के शिष्यों के पवित्र अवशेषों ने थाईलैंड में बढ़ाई शोभा
22 फरवरी से 18 मार्च तक बैंकाक, थाईलैंड और कंबोडिया में होगी प्रदर्शित

25 फरवरी 2024। थाईलैंड में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची के बौद्ध स्तूप परिसर में रखे भगवान बुद्ध के शिष्यों अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हंत महामोगल्यान के पवित्र अवशेषों को दर्शन के लिए बैंकाक, थाईलैंड और कंबोडिया विहार ले जाया गया है। विश्व के विभिन्न देशों से बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध और उनके शिष्यों के पवित्र अवशेषों के दर्शन के लिए पहुंच रहें है। प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला ने बतया कि संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशन में 22 फरवरी से 18 मार्च 2024 तक थाईलैंड और विभिन्न शहरों में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को अनुयायियों और आमजन के अवलोकन के लिए "बुद्धभूमि भारत" पैवेलियन में रखा गया है।

मध्यप्रदेश में सांची स्तूप की प्रतिकृति और पर्यटन स्थलों के वीआर 360? वीडियो प्रदर्शित कर थाईलैंड के पर्यटकों को आकर्षित कर मध्यप्रदेश आने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री विवेक क्षोत्रिय के नेतृत्व में पहला दल थाईलैंड पहुंचा है।

सांची से थाइलैंड पहुंचने के बाद, अस्थि अवशेषों का एक भव्य समारोह में स्वागत किया गया। बैंकॉक में सनम लुआंग मंडप के एक भव्य मंडपम में स्थापित गया है, जहां दुनियाभर से बौद्ध अनुयायी इन अस्थि अवशेषों पर श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं। यहां मध्यप्रदेश के स्टॉल में मौजूद अधिकारियों द्वारा अवशेषों एवं सांची स्तूपा के बारे में जानकारी दी जा रही है। वीआर के माध्यम से सैकड़ों लोगों/भिक्षुओं/अतिथियों/गणमान्य व्यक्तियों द्वारा सांची भ्रमण किया गया है। संस्कृति और पर्यटन विभाग की पहल से दुनिया भर के बौद्ध धर्मावलंबी इन अवशेषों के दर्शन कर पा रहे हैं। इस पवित्र यात्रा की समाप्ति 19 मार्च 2024 को होगी, जिसके बाद अस्थि अवशेषों को वापस सांची लाया जाएगा।

कार्यक्रम रूपरेखा

1. सनम लुआंग मंडप, बैंकॉक: 22 फरवरी 2024 से 03 मार्च 2024 (11 दिन)

2. हो कुम लुआंग, रॉयल राजप्रुइक, चियांग माई: 04 मार्च 2024 से 08 मार्च 2024 (5 दिन)

3. वाट महा वानाराम, उबोन रत्चाथानी: 09 मार्च 2024 से 13 मार्च 2024 (5 दिन)

4. वाट महाथाट, ओलुक, क्राबी: 14 मार्च 2024 से 18 मार्च 2024 (5 दिन)


Madhya Pradesh, प्रतिवाद समाचार, प्रतिवाद, MP News, Madhya Pradesh News, MP Breaking, Hindi Samachar, prativad.com

Tags :