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भारतीय तकनीकी और जर्मन विशेषज्ञता का समागम: औद्योगिक विकास की नई क्रांति - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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📍 bhopal
भारतीय तकनीकी और जर्मन विशेषज्ञता का समागम: औद्योगिक विकास की नई क्रांति - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मध्यप्रदेश में खुलेंगे प्रगति के नए द्वार
“जो समय को जीतता है, वह दुनिया को जीत सकता है।”

- डॉ. मोहन यादव

भारत-जर्मनी रिश्तों में नई मजबूती
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और जर्मनी के बढ़ते संबंधों के बीच, मध्यप्रदेश और जर्मनी के बवेरिया राज्य ने तकनीकी नवाचार, उद्योग और शिक्षा में साझेदारी के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है।

28 नवंबर 2024। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जर्मनी दौरे के दौरान बवेरिया राज्य के चांसलरी प्रमुख और संघीय एवं यूरोपीय मामलों के मंत्री डॉ. फ्लोरियन हैरमेन से महत्वपूर्ण वार्ता की। इस बैठक में औद्योगिक, तकनीकी, और शैक्षिक सहयोग के साथ-साथ जलवायु नीति और रोजगार सृजन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने बवेरिया के टाइम मैनेजमेंट और तकनीकी दक्षता की सराहना करते हुए कहा:
"जर्मनी की प्रगति हमें प्रेरणा देती है। उनकी आर्थिक मजबूती और तकनीकी श्रेष्ठता राष्ट्रीय विकास का एक आदर्श मॉडल है।"

औद्योगिक विकास के लिए जर्मन तकनीकी सहयोग
बैठक के दौरान, दोनों नेताओं ने सुपरकंप्यूटिंग, ऑटोमोबाइल, एयरोनॉटिक्स और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की सहमति व्यक्त की। मुख्यमंत्री यादव ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश में तकनीकी विशेषज्ञता और ज्ञान हस्तांतरण को सुदृढ़ करने के लिए एक विशेष सरकारी संपर्क कार्यालय स्थापित किया जाएगा।

“लैंग्वेज इंस्टीट्यूट” से हटेगी भाषाई बाधा
मुख्यमंत्री यादव ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश में एक "लैंग्वेज इंस्टीट्यूट" खोला जाएगा, जिससे युवाओं को जर्मन भाषा में दक्षता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। यह पहल राज्य के नागरिकों को जर्मनी में रोजगार और व्यवसाय के अवसरों का लाभ उठाने में मदद करेगी।



जर्मनी-मध्यप्रदेश साझेदारी: एक नई शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्मनी से तकनीकी हस्तांतरण और विशेषज्ञता से राज्य में ऑटोमोबाइल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा। उन्होंने मंडीदीप और पीथमपुर में पहले से मौजूद जर्मन निवेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये साझेदारी मध्यप्रदेश को औद्योगिक क्रांति की दिशा में और सुदृढ़ करेगी।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आमंत्रण
डॉ. यादव ने घोषणा की कि भोपाल में आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जर्मन प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों को आमंत्रित किया जाएगा। यह समिट अंतरराष्ट्रीय निवेश और सहयोग का एक नया मंच प्रदान करेगी।

भारत-जर्मनी के ऐतिहासिक संबंधों की झलक
मुख्यमंत्री ने जर्मनी और भारत के बीच ऐतिहासिक सांस्कृतिक संबंधों का स्मरण करते हुए कहा:
"मैक्समूलर ने हमारे वेदों का संस्कृत से अनुवाद कर विश्व को भारतीय ज्ञान से परिचित कराया। इन ऐतिहासिक संबंधों को आगे बढ़ाते हुए, मध्यप्रदेश और बवेरिया नए आयाम स्थापित करेंगे।"



नवीन औद्योगिक युग की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने इस यात्रा को औद्योगिक, तकनीकी, और आर्थिक विकास के लिए एक मील का पत्थर बताया।
“जर्मन विशेषज्ञता और भारतीय नवाचार के समन्वय से मध्यप्रदेश में विकास की नई गाथा लिखी जाएगी।”

यह पहल न केवल राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने का वादा करती है, बल्कि भारत-जर्मनी संबंधों को और भी सशक्त बनाएगी।
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