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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘डबल इंजन’ सरकार और विकास के नए आयाम छूता मध्यप्रदेश

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 132

15 जून 2026। 'डबल इंजन की सरकार...,' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस वक्त यह वाक्य कहा था उस वक्त भले ही यह वाक्य आम नागरिकों-राजनेताओं को अजीब लगा हो अथवा समझ में ही न आया हो, लेकिन, पीएम मोदी इस वाक्य का दूरगामी परिणाम जानते थे। आज यह वाक्य देश के हर राज्य में गूंजता है। इस तरह के कई अद्भुत वाक्यों का आविष्कार करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकाल के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। सफलतापूर्वक इसलिए कहेंगे, क्योंकि जिन कामों को लेकर ये माना जा रहा था कि चाहे कुछ भी हो जाए, वो काम पूरे नहीं होंगे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वही काम तय समय सीमा में किए। इसमें राम राजा सरकार का अयोध्या मंदिर और धारा 370 को गिना जा सकता है।

ठीक इसी 'डबल इंजन' के डोज पर मध्यप्रदेश सरकार भी काम कर रही है। देश का हृदय प्रदेश कहा जाने वाला मध्यप्रदेश पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास की राह पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की केन्द्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की राज्य सरकार की समन्वित नीतियों, सुधारों और जन-कल्याणकारी योजनाओं ने राज्य को आर्थिक, औद्योगिक, कृषि और कई क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना से प्रेरित डबल इंजन सरकार का यह प्रयास एमपी को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर मजबूती से ले जा रहा है।

चढ़ता आर्थिक विकास, बढ़ती निवेश की रफ़्तार
एमपी की मोहन सरकार ने औद्योगिक निवेश को अपनी बड़ी प्राथमिकता दी है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और अनेक क्षेत्रीय सम्मेलनों के माध्यम से प्रदेश को जहाँ हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं वहीँ दिल्ली-नागपुर, अटल प्रगति एक्सप्रेस वे, नर्मदा एक्सप्रेस वे और इंदौर-पीथमपुर जैसे औद्योगिक गलियारों के तेजी से विकास ने मध्यप्रदेश में निवेश को बूस्टर डोज दी है। राज्य में निवेशकों को 500 वर्ग किलोमीटर से अधिक औद्योगिक भूमि बैंक, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और जल संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस- वे,मालवा- निमाड़ - एक्सप्रेस- वे, अटल प्रगति पथ, बुंदेलखंड विकास पथ, मध्य भारत एक्सप्रेस- वे बनने से प्रदेश में कनेक्टिविटी को बड़ी रफ़्तार मिल रही है जिसके चलते निवेशकों की एमपी के प्रति रूचि बढ़ रही है। दुबई और स्पेन सरीखे देशों से भी बड़े निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश को मिल रहे हैं। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव और स्टार्टअप समिट 2026 ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को नई उड़ान दी है।एआई-आधारित शासन और सौर ऊर्जा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने दावोस में भी मध्यप्रदेश की वैश्विक पटल पर ब्रांडिंग की जिससे एमपी के प्रति ग्लोबल निवेशक आकर्षित हुए हैं। मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर हाल के वर्षों में औसतन 9-11% के आसपास रही है, जो कई राज्यों से बेहतर है। 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार जीएसडीपी लगभग 18.48 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

केन्द्र सरकार की अनेक योजनाओं में एमपी का प्रदर्शन बेहतर
मोदी सरकार की मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत जैसी अनेकों योजनाओं का लाभ मध्यप्रदेश को मिल रहा है। टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और एग्रीटेक क्षेत्रों में नई यूनिट्स स्थापित हो रही हैं, जिससे लाखों रोजगार सृजित हो रहे हैं। पीएम जन- धन योजना में मध्यप्रदेश में 4.69 करोड़ से अधिक खाते खुले जिससे डीबीटी के माध्यम से वित्तीय समावेशन को महजबूती मिली है। इसी तरह से प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के माधयम से मध्यप्रदेश में 89 लाख से अधिक कनेक्शन मिले जिससे महिलाओं को रसोई गैस के धुंए से मुक्ति मिली। केन्द्र की मोदी सरकार के जल जीवन मिशन से भी मध्यप्रदेश में हर घर नल से जल का संकल्प साकार हुआ है जिससे प्रदेश के 1 करोड़ 11 लाख परिवार सीधे लाभान्वित हुए हैं।

पीएम मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि योजना से उद्यमियों को मिली राहत
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों उद्यमियों को आर्थिक सहयोग मिल रहा है। वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मध्यप्रदेश में इस योजना में जहाँ 32.41 लाख लाभार्थियों को ऋण वितरित किये गए वहीं वित्तीय वर्ष 202 -27 में यह आंकड़ा 4.82 लाख तक पहुँच चुका है। पीएम स्वनिधि योजना भी छोटे व्यापारियों के लिए बड़ा सहारा बनी। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के 15.87 लाख प्रकरणों में 2679.49 करोड़ रु का ऋण वितरण किया गया है।

कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी विकास को मिली रफ़्तार
मोहन युग में आज का मध्यप्रदेश विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। प्रदेश में विकास के सभी क्षेत्रों में हर दिन नवाचार हो रहे हैं। राज्य ने बुनियादी ढाँचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। सड़क, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी में सुधार ने न केवल उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है, बल्कि गाँव-गाँव तक विकास की रोशनी पहुँचाई है। स्मार्ट सिटीज़ मिशन के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर आधुनिक शहरी प्रबंधन और स्वच्छता के मॉडल बनकर उभरे हैं वहीं नर्मदा घाटी विकास परियोजनाओं ने सिंचाई और जल संरक्षण में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं। सड़क, बिजली और जल आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं में भारी निवेश ने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा है। मोदी सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनाओं और मोहन सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजनाओं ने किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि यंत्रीकरण तथा फसल बीमा जैसी योजनाओं से किसानों को लाभ मिल रहा है जिसके परिणामस्वरूप कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। प्रदेश में डिजिटल कृषि सेवा से एक तरफ जहाँ किसान सशक्त हो रहे हैं वहीँ किसानों को मौसम, मंडी भाव , रोग कीट प्रदबंधान और ड्रोन स्प्रे की रियाल टाइम जानकारी मिल रही है।गौशालाओं को बढ़ावा देने, दूध उत्पादन दोगुना करने के प्रयास और कृषि प्रसंस्करण इकाइयों का विस्तार राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत कर रहा है। पीएम आवास योजना शहरी के माध्यम से हर जरूरतमंद को पक्का आवास दिया जा रहा है। एमपी के 9 लाख से अधिक आवास हितग्राहियों को इस योजना के माध्यम से आवास सौंपे गए हैं। साइबर तहसील जैसी डिजिटल पहल पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित कर रही हैं।

शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बेहतर कार्य
मोदी सरकार की आयुष्मान भारत , पीएम जन मन और शिक्षा संबंधी योजनाओं के साथ राज्य सरकार के प्रयासों ने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा दी है। एमपी में बेहतर सेवाओं का लगातार इजाफा हो रहा है। उज्जैन में पहली मेडिसिटी और मेडिकल कालेज का जहाँ भूमि पूजन हो चुका है वहीँ पीएम श्री एम्बुलेंस जैसी सेवा से कई मरीजों के जीवन में सवेरा हुआ है। इसी तरह से प्रदेश में एमबीबीएस की 5500 और स्नातकोत्तर की 2862 सीटों में वृद्धि हुई है। मैहर , मऊगंज , पांढुर्णा में 3 नए अस्पतालों की स्वीकृति से जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही है। मोहन सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संकल्पित है। सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने की दिशा में HVP टीकाकरण अभियान में एमपी आज देश के शीर्षस्थ राज्यों में शामिल हुआ है।

हवाई सेवाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए हवाई सेवाओं का व्यापक विस्तार शुरू किया है। मार्च 2024 में प्रधानमंत्री (पीएमश्री) पर्यटन वायु सेवा और पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा का शुभारंभ हुआ जो लोक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आधारित है। यह योजना भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, सिंगरौली और खजुराहो जैसे आठ प्रमुख शहरों को जोड़ती है। यह विस्तार न केवल तीर्थयात्रियों की सुविधा बढ़ा रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है। मोहन के दौर का मध्यप्रदेश अब 'आकाशमार्ग से तीर्थयात्रा' का नया अध्याय लिख रहा है जो आस्था और आधुनिकता का अनूठा संगम है।

सांस्कृतिक अभ्युदय से निकली नई राह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांस्कृतिक अभ्युदय के संकल्प को मध्यप्रदेश में पूरा करने की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रही है। प्रदेश में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये मोहन सरकार राम गमन पथ विकसित कर रही है वहीँ चित्रकूट को भी अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है ।डॉ. मोहन यादव ने भगवान कृष्ण से जुड़े इन स्थलों को विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर भी आगे बढ़ रही है जिसे 'कृष्ण पाथेय' के रूप में जाना जा रहा है। इस योजना के तहत, राज्य में कृष्ण से जुड़े प्रमुख स्थलों का चयन किया गया है।

सुशासन की पर्याय बनती मोहन सरकार
सुशासन की प्रभावी नीतियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के कारण मध्यप्रदेश विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी पर आधारित शासन व्यवस्था ने राज्य को प्रगति की राह पर आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिये सरकार दिन रात एक किए हुए हैं। सबका साथ,सबका विकास,सबका विश्वास तथा सबका प्रयास का नारा वंचितों के जीवन में सुधार लाने के उद्देश्य से अब मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों की आधारशिला ही बन चुका है। डॉ मोहन यादव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सुशासन की आदर्श अवधारणा को पूर्ण रूप से मध्य प्रदेश में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

नक्सलवाद का अंत
डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित समय-सीमा से पहले ही प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया है। बालाघाट समेत प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों ने सघनता से इस अभियान को सफल बनाया है। यह उपलब्धि न केवल कानून-व्यवस्था की मजबूती दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शांति और समृद्धि का आधार भी तैयार कर रही है।

गरीब, युवा, किसान और महिला सबका विकास और कल्याण
मोहन सरकार प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बताई गई चार जातियों- गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के विकास और कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है। स्कूलों, कॉलेजों और कौशल विकास केंद्रों का विस्तार युवाओं को रोजगार योग्य बना रहा है। मध्यप्रदेश नई शिक्षा नीति को लागू करने, सकल पंजीयन दर बढ़ाने और खनिज क्षेत्र में देश में अव्वल रहा है। महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन और उद्यमिता कार्यक्रम राज्य में महिलाओं को समाज की मुख्यधरा से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। डॉ.मोहन यादव का नेतृत्व महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक आदर्श बनकर उभरा है। महिलाओं के सशक्तिकरण में लाड़ली बहना योजना और महिला स्वावलंबन मिशन जैसी योजनाएँ आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। मोहन के कार्यकाल में लाड़ली बहना योजना में मासिक सहायता 1250 रु से बढ़ाकर 1500 रु हो गई है। सरकारी भर्ती में महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण, लखपति दीदी मिशन ने महिलाओं को आज समाज की मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है। मोदी सरकार की दूरदर्शी नीतियों और मोहन सरकार के प्रभावी क्रियान्वयन ने मध्यप्रदेश प्रतिदिन विकास के नए आयाम छू रहा है। यह प्रगति न केवल आंकड़ों में है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार के रूप में भी दिख रही है। निरंतर सुधार, निवेश और आमजन की शासन में सीधी भागीदारी से मध्यप्रदेश निश्चित रूप से मोदी सरकार के दौर में संवर रहा है। पीएम मोदी के विकसित भारत 2047 विजन के अनुरूप “विकसित मध्यप्रदेश, विकसित भारत” का सपना अब दूर नहीं है।

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