14 जुलाई 2020। राज्य का संस्कृति विभाग एमपी एन्शीयेंट मान्युमेन्ट्स एण्ड आक्र्योंलॉजिकल साईट्स एण्ड रिमेंस एक्ट 1964 के तहत छिन्दवाड़ा जिले की चांद तहसील के स्थानीय क्षेत्र नीलकंठी कला में स्थित गोदड़देव मंदिर एवं राजगढ़ जिले में स्थित बड़ा महल को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित करने जा रही है। इसके लिये उसने सूचना जारी कर दी है।
सूचना में कहा गया है कि उक्त दोनों प्राचीन पुरातत्वीय स्मारकों के विनष्ट किये जाने, क्षतिग्रस्त, परिवर्तित, विरुपित, तितर-बितर किये जाने, हटाये जाने एवं उनके अपक्षय होने की संभावना है। छिनदवाड़ा का गोदड़देव मंदिर धार्मिक पूजा के अधीन है तथा इसका स्वामित्व राज्य शासन के पास है। यह 0.004 हैक्टेयर में स्थित है। इसी प्रकार, राजगढ़ का बड़ा महल भी नजूल शासकीय स्वामित्व में है तथा इसका क्षेत्रफल लगभग 1728 वर्गमीटर में है।
इन दोनों प्राचीन स्मारकों को अगले कुछ दिनों में विधिवत रुप से राज्य संरक्षित घोषित कर दिया जायेगा। संरक्षित घोषित होने पर इन स्मारकों के सौ मीटर व्यास में सभी निर्माण कार्य एवं खनन कार्य प्रतिबंधित हो जायेंगे तथा इस सौ मीटर से और दो सौ मीटर के व्यास में निर्माण एवं खनन कार्य रेगुलेटेड हो जायेंगे।
- डॉ.नवीन जोशी
छिन्दवाड़ा का गोदड़देव मंदिर और राजगढ़ का बड़ा महल राज्य संरक्षित घोषित होंगे
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Bhopal 👤By: DD Views: 949
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