लोनिवि में अब ईएमडी इलेक्ट्रानिक रुप से ही ई-टेण्डरिंग में जमा होगी

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 181

Bhopal: टेण्डर प्रक्रिया की गोपनीयता भंग न हो इसलिये किया नया प्रावधान

भोपाल 20 नवंबर 2020। प्रदेश के लोक निर्माण विभाग में अब ठेकों की ईएमडी यानि अर्नेस्ट मनी डिपाजिट जिसे धरोहर राशि भी कहा जाता है, सिर्फ इलेक्ट्रानिक माध्यम-आरटीजीएस/एनएफटी से ही ली जायेगी। ऐसा नया प्रावधान टेण्डर प्रक्रिया की गोपनीयता भंग न हो, इसलिये किया गया है।
लोनिवि के ईएनसी चन्द्रप्रकाश अग्रवाल ने सभी विभागीय मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण एवं कार्यपालन यंत्रियों को इस संबंध में निर्देश जारी किये हैं। मजेदार बात यह है कि वर्ष 2018 में तत्कालीन शिवराज सरकार के समय तत्कालीन मुख्य सचिव ने निर्णय लिया था कि ईएमडी इलेक्ट्रानिक रुप से ही ली जाये। लेकिन पिछली कमलनाथ सरकार ने इस पर अमल नहीं किया। अब वर्तमान शिवराज सरकार ने उसी निर्णय पर अमल कर दिया है।
लोनिवि के ईएनसी अग्रवाल ने अपने ताजा निर्देश में कहा है कि विभागों में ईएमडी प्राप्त करने की अलग-अलग प्रक्रियायें प्रचलित हैं। कुछ विभागों में इलेक्ट्रानिक ईएमडी ली जाती है, वहीं कुछ विभागों में बैंक ड्राफ्ट, बैंक गारंटी अथवा एफडीआर के माध्यम से ईएमडी ली जाती है। फिजिकल फार्म में ईएमडी प्राप्त करने की प्रक्रिया में टेण्डर प्रक्रिया की गोपनपीयता भंग होने की संभावना को देखते हुये तथा इलेक्ट्रानिक ईएमडी व्यवहारिक होने के कारण ई-टेण्डरिंग प्रक्रिया में केवल इलेक्ट्रानिक ईएमडी के माध्यम से व्यवस्था बंधनकारी की जा रही है। इलेक्ट्रानिक के अलावा अन्य किसी भी रुप में ईएमडी स्वीकार्य नहीं होगी।
ईएनसी ने निर्देश दिये हैं कि भविष्य में आमंत्रित किये जाने वाले टेण्डरों में इलेक्ट्रानिक ईएमडी-आरटीजीएस/एनईएफटी ही स्वीकार की जाये। अन्यथा की स्थिति में टेण्डर दूषित माना जायेगा। इस तरह का प्रावधान, टेण्डर अपलोड करते समय संबंधित अधिकारी द्वारा किया जाना होगा।
उल्लेखनीय है कि बहुचर्चित ई-टेण्डरिंग घोटाला सामने आने पर नवम्बर 2018से नई ई-टेण्डरिंग व्यवस्था की गई थी तथा उस समय इलेक्ट्रानिक ईएमडी लेने का प्रावधान करने के लिये तत्कालीन मुख्य सचिव ने कहा था। पिछली कमलनाथ सरकार ने ई-टेण्डरिंग घोटाले पर एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही तो की परन्तु इलेक्ट्रानिक ईएमडी का कोई प्रावधान नहीं किया था।


डॉ. नवीन जोशी/PNI

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