27 जनवरी 2021। राज्य शासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भ्रष्टाचार के प्रकरणों में पूछताछ एवं अन्वेषण के लिये अब मप्र पुलिस, ईओडब्ल्यु एवं लोकायुक्त पुलिस संगठन को राज्य सरकार से पूर्वानुमति लेनी होगी। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश जारी कर दिये हैं।
निर्देश में कहा गया है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के अनुसार किसी लोक सेवक के द्वारा शासकीय कृत्य या कत्र्तव्यों के निर्वहन में की गई सिफारिश या किये गये विनिश्चय के संबंध में अपराधों की जांच या पूछताछ या अन्वेषण किसी पुलिस अधिकारी द्वारा बिना राज्य शासन की पूर्वानुमति के नहीं किया जा सकता। ऐसी पूर्वानुमति प्राप्त करने के लिये प्रक्रिया निर्धारित की गई है। एक, राज्य शासन की अनुमति प्राप्त करने के लिये अन्वेषण एजेन्सी का प्रमुख समस्त वांछित दस्तावेजों सहित अपना प्रतिवेदन संबंधित प्रशासकीय विभाग को प्रेषित करेगा। दो, प्रशासकीय विभाग परीक्षण कर प्रकरण में अपने स्पष्ट अभिमत सहित सीएम-सीएस कोआर्डिनेशन में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा तथा कोआर्डिनेशन से प्राप्त आदेश के अनुसार, अन्वेषण एजेन्सी को पूर्वानुमति मान्य अथवा अमान्य करने की सूचना दी जायेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस निर्देश का कड़ाई से पालन करने के लिये कहा है।
भ्रष्टाचार के प्रकरणों में पूछताछ हेतु अब पुलिस को सरकार से लेनी होगी अनुमति
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 1579
Related News
Latest News
- एपस्टीन विवाद के बीच बिल गेट्स ने इंडिया एआई समिट से नाम वापस लिया
- उत्तर प्रदेश में डिजिटल एमएसएमई इकोसिस्टम को बढ़ावा, ‘उद्यम सारथी’ और नई नीति से निवेश को गति
- मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में सीएम डॉ. मोहन यादव बोले “क्लाइमेट चेंज से मुकाबले में मध्यप्रदेश लीडर, निवेशकों को पूरा सहयोग”
- भारतीय कंपनी बनाएगी एशिया के सबसे बड़े एआई हब में से एक, 2 अरब डॉलर का निवेश
- एपस्टीन फाइलों में ‘इंसानियत के खिलाफ अपराध’ के संकेत: UNHRC
- इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: फिनलैंड–भारत की डीप-टेक साझेदारी पर जोर














