07 फरवरी 2023। गुजरात की तर्ज पर मप्र में भी हर साल एक जिले में सांस्कृतिक वन बनाने का अध्ययन कराया गया है। दरअसल पीएम ने गुजरात में पिछले कई सालों से इस योजना पर चल रहे कार्यों की जानकारी लेने एवं उसे अपनाने के बारे में कहा था जिस पर मप्र के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने वन विभाग के एपीसीसीएफ विकास यूके सुबुध्दि को गुजरात अध्ययन के लिये भेजा था। इस अधिकारी ने वहां भुज एवं सुरेन्द्र नगर में बने सांस्कृतिक वर्नों का अध्ययन किया है। गुजरात में एक दशक पहले तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी हर साल एक जिले में 5 से 6 हैक्टेयर क्षेत्र में सांस्कृतिक वन बनाने का निर्णय लिया था और अब तक कई जिलों में ये वन बन चुके हैं। इन पार्कों में जिले की विशेषताओं को दर्शाने वाले स्मारक बनाये गये हैं इन पर 12 से 19 करोड़ रुपये व्यय किये गये हैं। इन वनों में पर्यटक भी काफी संख्या में आते हैं।
एपीसीसीएफ यूके सुबुध्दि ने अध्ययन के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार ली है तथा इसे शासन के समक्ष प्रस्तुत कर दी है। यदि इस रिपोर्ट पर अमल हुआ तो मप्र में भी हर साल एक जिले का चयन कर उसमें गुजरात की तर्ज पर सांस्कृतिक वन बनाये जायेंगे।
- डॉ. नवीन जोशी

गुजरात की तर्ज पर मप्र में भी हर साल एक जिले में सांस्कृतिक वन बनाने का अध्ययन हुआ
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Bhopal 👤By: prativad Views: 912
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