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अब तक का सबसे बड़ा डेटा लीक: 4 अरब यूजर रिकॉर्ड हुए उजागर, चीन में साइबर हड़कंप

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📍 भोपाल
अब तक का सबसे बड़ा डेटा लीक: 4 अरब यूजर रिकॉर्ड हुए उजागर, चीन में साइबर हड़कंप
6 जून 2025। प्रतिवाद डेस्क।

चीन में अब तक का सबसे बड़ा डेटा लीक सामने आया है, जिसमें करीब 4 अरब से अधिक यूज़र रिकॉर्ड इंटरनेट पर सार्वजनिक हो गए हैं। इस डेटा में फाइनेंशियल जानकारी, वीचैट (WeChat) और अलीपे (AliPay) विवरण, और कई प्रकार के संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा शामिल हैं। इस घटना ने न केवल चीन को बल्कि वैश्विक साइबर सुरक्षा समुदाय को भी चौंका दिया है।

💻 बिना पासवर्ड वाला 631 GB का डेटाबेस उजागर
साइबरन्यूज और सिक्योरिटी डिस्कवरी डॉट कॉम के रिसर्चर्स ने एक ओपन और अनसेक्योर डेटाबेस की खोज की, जिसमें 631 गीगाबाइट डेटा बिना किसी सुरक्षा के उपलब्ध था। इसमें 805 मिलियन रिकॉर्ड वाला सबसे बड़ा कलेक्शन भी शामिल था, जिसका नाम “wechatid_db” था, जिससे अंदेशा है कि डेटा Baidu के स्वामित्व वाले WeChat एप्लिकेशन से संबंधित हो सकता है।

💻 सैकड़ों मिलियन यूज़र्स की जानकारी जोखिम में
रिपोर्ट के अनुसार, लीक हुआ डेटा चीनी नागरिकों के व्यक्तिगत, आर्थिक और सामाजिक प्रोफाइल को दर्शाता है। रिसर्च टीम का मानना है कि यह डेटा किसी केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली से जुड़ा हो सकता है, जिसे किसी भी उद्देश्य से — जासूसी, प्रोफाइलिंग, या डेटा विश्लेषण के लिए — तैयार किया गया हो सकता है।

🚨 साइबर हमलों और जासूसी का खतरा
इस तरह का डेटा लीक न केवल उपयोगकर्ताओं की निजता को खतरे में डालता है, बल्कि यह फिशिंग, ब्लैकमेल, वित्तीय धोखाधड़ी और राष्ट्र प्रायोजित खुफिया अभियानों को भी जन्म दे सकता है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि इस स्तर का डेटा लीक आने वाले समय में गलत सूचना अभियान (Disinformation Campaigns) और राजनीतिक अस्थिरता का कारण बन सकता है।

🌐 डेटाबेस के स्रोत और मालिक अब तक अज्ञात
हालांकि रिसर्च टीम को डेटाबेस की कुछ झलक ही देखने को मिल सकी, क्योंकि सार्वजनिक होने के तुरंत बाद वह इंस्टेंस ऑफलाइन कर दिया गया। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि इस डेटा को किसने इकट्ठा किया या क्यों। लेकिन इतना ज़रूर तय है कि इस स्तर का एकत्रीकरण सरकारी एजेंसियों, हैकर समूहों या उन्नत स्तर के शोधकर्ताओं से जुड़ा हो सकता है।
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