14 मई 2026। Meta ने घोषणा की है कि वह WhatsApp पर अपने AI असिस्टेंट के लिए नया “Incognito Chat” फीचर शुरू कर रहा है। कंपनी का कहना है कि यह फीचर यूज़र्स की डेटा प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि लोग AI से अधिक सुरक्षित और निजी तरीके से बातचीत कर सकें।
Meta के मुताबिक, यह फीचर उसकी “Private Processing” टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि AI के साथ हुई बातचीत किसी और को दिखाई न दे, यहाँ तक कि खुद Meta भी इन चैट्स तक पहुंच नहीं सके।
कंपनी ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि Incognito Chat में बातचीत सेव नहीं होगी और डिफ़ॉल्ट रूप से मैसेज अपने आप गायब हो जाएंगे। इससे यूज़र्स को बिना किसी निगरानी के नए विचारों पर सोचने और निजी सवाल पूछने की आज़ादी मिलेगी।
दरअसल, AI चैटबॉट्स के बढ़ते इस्तेमाल के साथ लोग अक्सर निजी, वित्तीय, स्वास्थ्य और काम से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भी साझा करने लगे हैं। ऐसे में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं।
WhatsApp प्रमुख Will Cathcart ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि लोग अब AI सिस्टम से अपनी जिंदगी से जुड़े अहम सवाल पूछने लगे हैं, लेकिन हर कोई यह नहीं चाहता कि ऐसी जानकारी उन कंपनियों तक पहुंचे जो AI सिस्टम संचालित करती हैं।
हालांकि Meta की वेबसाइट के अनुसार, Meta AI के साथ शेयर किए गए कुछ मैसेज कंपनी अपने AI मॉडल को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकती है। लेकिन WhatsApp की निजी चैट्स एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहती हैं और उन्हें इस उद्देश्य के लिए एक्सेस नहीं किया जा सकता।
Cathcart ने यह भी स्पष्ट किया कि शुरुआती चरण में Incognito Chat केवल टेक्स्ट मैसेज तक सीमित रहेगा। यानी यूज़र्स फिलहाल इसमें इमेज अपलोड नहीं कर पाएंगे।
कंपनी ने बताया कि AI सिस्टम में अतिरिक्त सुरक्षा नियम भी लागू किए जाएंगे। यदि कोई अनुचित या संवेदनशील सवाल पूछा जाता है, तो AI जवाब देने से मना कर सकता है या बातचीत को दूसरी दिशा में मोड़ सकता है।
इसके अलावा Meta आने वाले महीनों में WhatsApp पर “Side Chat” फीचर भी लाने की तैयारी कर रहा है। इस फीचर के जरिए यूज़र्स किसी भी निजी चैट के दौरान AI से तुरंत निजी सहायता प्राप्त कर सकेंगे।















