30 अप्रैल 2026। अमेरिकी टेक दिग्गज Google ने Pentagon के साथ एक अहम AI समझौता किया है, जिसके तहत कंपनी अपने उन्नत AI मॉडल को गोपनीय सैन्य इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराएगी। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई है।
The New York Times के मुताबिक, यह डील कंपनी के भीतर विरोध के बावजूद हुई है और इसका मकसद अमेरिकी सेना को एडवांस्ड AI क्षमताओं तक तेज़ पहुंच देना है। बताया जा रहा है कि यह समझौता 2025 में हुए 200 मिलियन डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट का विस्तार है, जिसके तहत Gemini AI को क्लासिफाइड नेटवर्क पर इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी।
Google ने डील की पुष्टि तो की है, लेकिन शर्तों पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की। कंपनी की प्रवक्ता ने कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रयासों में योगदान देने पर गर्व महसूस करते हैं, साथ ही यह भी दावा किया कि AI का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर निगरानी या बिना मानवीय नियंत्रण वाले हथियारों के लिए नहीं किया जाएगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस समझौते के तहत पेंटागन को Google के AI का इस्तेमाल “किसी भी वैध सरकारी उद्देश्य” के लिए करने की अनुमति होगी। साथ ही, वह AI के सेफ्टी फिल्टर में बदलाव का अनुरोध भी कर सकता है। हालांकि, Google के पास सरकारी फैसलों को वीटो करने का अधिकार नहीं होगा, जिसने आलोचकों की चिंता बढ़ा दी है।
इस डील ने कंपनी के भीतर भी हलचल मचा दी है। 600 से अधिक कर्मचारियों ने CEO Sundar Pichai को लिखे खुले पत्र में सैन्य उपयोग पर रोक लगाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि AI का इस्तेमाल “अमानवीय और खतरनाक” तरीकों से हो सकता है, इसलिए ज्यादा पारदर्शिता और निगरानी जरूरी है।
यह मामला Anthropic के साथ पेंटागन के हालिया विवाद के बाद और संवेदनशील हो गया है। Anthropic ने सुरक्षा मानकों में ढील देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसे भविष्य के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स से बाहर कर दिया गया।
इसी बीच, OpenAI और xAI जैसी कंपनियां अलग रुख अपनाते हुए सेना के साथ साझेदारी बढ़ा रही हैं। xAI का सिस्टम पहले ही अमेरिकी सेना के इंटरनल प्लेटफॉर्म GenAI.mil में इंटीग्रेट किया जा चुका है।
पेंटागन की AI रणनीति के खिलाफ टेक कर्मचारियों और एक्टिविस्टों का विरोध भी तेज़ हो गया है। हाल ही में प्रदर्शनकारियों ने AI के सैन्य और निगरानी उपयोग को लेकर चिंता जताते हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए।
हालांकि, पेंटागन का कहना है कि उसका इरादा AI का इस्तेमाल व्यापक घरेलू निगरानी या पूरी तरह स्वचालित हथियारों के लिए नहीं है। फिर भी, “किसी भी कानूनी उपयोग” के लिए एडवांस्ड AI तक पहुंच बढ़ाने पर उसका जोर बना हुआ है।















